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भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता: दिसंबर में हस्ताक्षर और अगले साल की शुरुआत में होगा लागू

by admin@bebak24.com on | 2026-06-21 20:54:33

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भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता: दिसंबर में हस्ताक्षर और अगले साल की शुरुआत में होगा लागू

मुंबई/नई दिल्ली: भारत और 27 देशों के शक्तिशाली संगठन यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इसी साल दिसंबर तक हस्ताक्षरित हो जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार (21 जून) को मुंबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के साथ एक संवाद के दौरान यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक समझौते को अगले साल फरवरी-मार्च 2027 तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

व्यापार की दुनिया में 'मदर ऑफ ऑल डील्स' (सभी समझौतों की मां) कहे जा रहे इस समझौते का रास्ता इसी साल 27 जनवरी को दोनों पक्षों के बीच वार्ता के निष्कर्ष के बाद साफ हुआ था।

93% भारतीय उत्पादों को मिलेगी 'ड्यूटी-फ्री एंट्री', वैश्विक व्यापार में मचेगी हलचल

इस समझौते के लागू होने से भारत के वैश्विक निर्यात और घरेलू उद्योगों को एक अभूतपूर्व गति मिलने वाली है:

  • शुल्क-मुक्त बाजार: समझौते के तहत भारतीय निर्यात की लगभग 93 प्रतिशत खेपों (शिपमेंट्स) को यूरोपीय बाजार में शून्य या शुल्क-मुक्त पहुंच (ड्यूटी-फ्री एंट्री) मिलेगी।

  • भारत में सस्ते होंगे यूरोपीय उत्पाद: दूसरी ओर, यूरोपीय संघ से भारत आने वाली लक्जरी कारों और वाइन पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) में कटौती की जाएगी, जिससे ये उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे।

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर: भारत और यूरोपीय संघ मिलकर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 25 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। इसके अलावा, दोनों पक्ष दुनिया के कुल 33 ट्रिलियन डॉलर के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक-तिहाई यानी लगभग 11 ट्रिलियन डॉलर (करीब 10,38,52,380.5 करोड़ रुपये) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अमेरिका और कनाडा के साथ भी व्यापारिक वार्ता तेज

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत अन्य विकसित देशों के साथ भी अपने व्यापारिक रिश्तों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है:

  • भारत-अमेरिका वार्ता: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इसी सप्ताह भारत के दौरे पर आ रहे हैं, जहाँ दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बातचीत होगी।

  • भारत-कनाडा समझौता: फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडाई प्रधानमंत्री ने भी भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को इसी साल अंतिम रूप देने की इच्छा जताई है। दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सेपा) के लिए दूसरे दौर की वार्ता इसी साल मई में संपन्न हो चुकी है।

बेबाक24 टेक

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते का अंतिम चरण में पहुँचना भारतीय कूटनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक टर्निंग पॉइंट है। चीन पर वैश्विक निर्भरता कम करने के इस दौर में (चाइना प्लस वन स्ट्रेटेजी), भारत का यूरोपीय संघ जैसे विशाल बाजार के साथ शून्य-शुल्क समझौता करना देश के कपड़ा, चमड़ा, रत्न-आभूषण और आईटी जैसे क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा।

आर्थिक चश्मे से देखें तो 93% उत्पादों को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलना भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लाखों नए रोजगार पैदा करेगा। हालांकि, भारत के लिए चुनौती अपनी घरेलू ऑटोमोबाइल और वाइन इंडस्ट्री को यूरोपीय प्रतिस्पर्धा से बचाए रखने की होगी, जिसके लिए आयात शुल्क को धीरे-धीरे कम करने का संतुलन बनाना होगा। इसके साथ ही, अमेरिका और कनाडा के साथ समानांतर रूप से चल रही वार्ताएं यह साफ करती हैं कि भारत अब वैश्विक व्यापार के नियम खुद तय करने की स्थिति में आ चुका है।



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