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पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
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पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके

by admin@bebak24.com on | 2026-06-21 20:51:59

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पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके

नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल के दौरे से लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार  को संवेदनशीलता की एक बड़ी मिसाल पेश की। दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद वे सीधे अपने आवास के लिए रवाना नहीं हुए, बल्कि करीब 45 मिनट तक एयरपोर्ट पर ही रुके रहे। इसका सीधा संबंध देश भर में आयोजित हो रही नीट-यूजी  पुनरीक्षा से था। प्रधानमंत्री ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि उनके काफिले की वजह से परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को ट्रैफिक जाम का सामना न करना पड़े।

परीक्षा शुरू होने के बाद ही रवाना हुए प्रधानमंत्री

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। ठीक दोपहर 2:00 बजे से देश भर में नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा शुरू होनी थी।

आमतौर पर प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान सुरक्षा कारणों से रूट डायवर्जन और अस्थायी ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए जाते हैं। चूंकि हज़ारों छात्र अपने परीक्षा केंद्रों की ओर बढ़ रहे थे और उनके पास समय कम था, इसलिए पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर ही इंतजार करने का फैसला किया। दोपहर 2:00 बजे जब परीक्षा शुरू हो गई और सभी छात्र केंद्रों के भीतर चले गए, उसके बाद ही प्रधानमंत्री का काफिला अपने आवास के लिए रवाना हुआ।

22 लाख छात्र और एआई आधारित कड़ा सुरक्षा घेरा

पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद रद्द हुई पिछली परीक्षा के मद्देनजर, इस बार नीट-यूजी री-एग्जाम के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा और तकनीकी इंतजाम किए गए थे:

  • परीक्षा का पैमाना: देश के 5,440 और विदेशों के 14 केंद्रों पर 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए।

  • सीसीटीवी और एआई निगरानी: देश भर के 95 हजार से अधिक परीक्षा कक्षों पर सीधी नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  आधारित निगरानी प्रणाली और 1.38 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।

  • सिग्नल जैमर्स: किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक नकल, ब्लूटूथ या डिजिटल डिवाइस के इस्तेमाल को रोकने के लिए केंद्रों पर 51 हजार से अधिक सिग्नल जैमर सक्रिय किए गए थे।

  • सुरक्षा दल: परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए 6,700 ऑब्जर्वर, 39 हजार फ्रिस्किंग (जांच) कर्मी और 48 हजार से अधिक बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

बेबाक24 टेक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट तक रुकने का फैसला केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। वीवीआईपी संस्कृति के इस दौर में जब एक नेता के निकलने पर आम जनता को घंटों ट्रैफिक में रेंगना पड़ता है, तब देश के प्रधानमंत्री का छात्रों के भविष्य और समय की कीमत समझते हुए खुद के काफिले को रोक लेना एक बड़ा और सकारात्मक संदेश देता है।

तकनीकी और सामरिक दृष्टिकोण से देखें तो इस बार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने अपनी साख बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। 1.38 लाख सीसीटीवी कैमरे, एआई आधारित निगरानी और 51 हजार जैमर्स का इस्तेमाल यह साफ करता है कि भविष्य में परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए डिजिटल तकनीक ही सबसे बड़ा हथियार बनने वाली है। सरकार के सामने चुनौती केवल परीक्षा कराने की नहीं थी, बल्कि छात्रों के टूटे हुए भरोसे को दोबारा बहाल करने की थी, और इस मोर्चे पर जमीन से लेकर आसमान तक गंभीरता दिखाई गई है।



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