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कटरिया कांड: 'सिंघम' की एंट्री से उपद्रवियों में खौफ, DIG वैभव कृष्ण ने संभाली कमान!

by admin@bebak24.com on | 2026-04-28 14:13:15

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कटरिया कांड: 'सिंघम' की एंट्री से उपद्रवियों में खौफ, DIG वैभव कृष्ण ने संभाली कमान!

संतोष राय

गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में हुई हिंसक झड़प के बाद अब कानून का 'इकबाल' बुलंद होता नजर आ रहा है। वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण की एंट्री ने न केवल उपद्रवियों के हौसले पस्त कर दिए हैं, बल्कि क्षेत्र में अफवाह फैलाने वाले 'डिजिटल माफियाओं' पर भी शिकंजा कस दिया है। तेज-तर्रार और साफ-सुथरी पुलिसिंग के लिए मशहूर वैभव कृष्ण का गाजीपुर से पुराना नाता है, जिसका फायदा अब जमीन पर दिख रहा है।

गाजीपुर के रग-रग से वाकिफ हैं वैभव कृष्ण

​यह कोई पहली बार नहीं है जब वैभव कृष्ण ने जनपद की कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों को सीधा किया है। पूर्व में गाजीपुर के एसपी रह चुके डीआईजी यहाँ की भौगोलिक स्थिति और आपराधिक नेटवर्क से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उनके कार्यकाल का वह किस्सा आज भी लोगों की जुबान पर है, जब उन्होंने करंडा के एक कुख्यात हेरोइन तस्कर अमरनाथ यादव और उसके आका के तिलिस्म को तोड़ा था।

जब 9211 नंबर की सफारी से 'नौ दो ग्यारह' हुआ था तस्कर

​अतीत के पन्नों को पलटें तो सपा सरकार के दौरान एक तत्कालीन मंत्री की शह पर पुलिस कस्टडी से एक तस्कर 9211 नंबर की सफारी गाड़ी से फरार हो गया था। उस समय पुलिस के इकबाल को खुली चुनौती दी गई थी, लेकिन वैभव कृष्ण की सख्ती ने सत्ता के संरक्षण में पल रहे अपराधियों को भी पानी पिला दिया था। आज एक बार फिर कटरिया की घटना ने उनके पुराने तेवरों की याद दिला दी है।

अफवाह फैलाने वालों पर 'डिजिटल स्ट्राइक'

​डीआईजी के निर्देश पर पुलिस ने अब सोशल मीडिया के जरिए जहर घोलने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:

सोशल मीडिया पर केस: 'कांग्रेस इन' और 'समाज' जैसे दर्जनों सोशल मीडिया हैंडल्स पर मुकदमा दर्ज किया गया है।


धारा 163 का प्रहार: प्रशासन ने शांति भंग करने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए धारा 139 के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।


स्पष्ट चेतावनी: डीआईजी ने दो टूक कहा है कि चाहे कोई राजनीतिक दल हो या सामाजिक संगठन, अगर किसी ने भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।


निष्पक्षता और शांति का भरोसा

​डेलिगेशन के साथ गांव पहुंचे डीआईजी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों पर आधारित होगी। किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन जो दोषी हैं, वे पाताल से भी ढूंढ निकाले जाएंगे। वर्तमान में गांव में पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

बेबाक टिप्पणी:

सत्ता बदलती है, चेहरे बदलते हैं, लेकिन वैभव कृष्ण जैसे अधिकारी जब मैदान में होते हैं, तो अपराधियों का 'हौसला' अपने आप घुटने टेक देता है। बेबाक 24 प्रशासन की इस मुस्तैदी का समर्थन करता है ताकि आम जनता चैन की सांस ले सके।



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