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भारत-थाईलैंड मैत्री के नए अध्याय की शुरुआत: पीएम मोदी ने थाई प्रधानमंत्री अनुतिन को दी बधाई; रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने का संकल्प

by admin@bebak24.com on | 2026-03-20 20:43:28

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भारत-थाईलैंड मैत्री के नए अध्याय की शुरुआत: पीएम मोदी ने थाई प्रधानमंत्री अनुतिन को दी बधाई; रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने का संकल्प

नई दिल्ली | नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को थाईलैंड के नवनियुक्त प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल को उनके पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई दी है। एक टेलीफोनिक बातचीत और सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण-पूर्व एशिया (ASEAN) में भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' (Act East) नीति को और अधिक विस्तार दे रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: 'साझा विरासत और भविष्य'

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि भारत और थाईलैंड केवल पड़ोसी नहीं, बल्कि गहरी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े हुए हैं।

 • रणनीतिक सहयोग: पीएम ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्र में मिलकर काम करने की इच्छा जताई।

 • कनेक्टिविटी: भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग (Trilateral Highway) प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

 • पीपुल-टू-पीपुल टाईज़: दोनों नेताओं ने पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में आदान-प्रदान को और सरल बनाने पर सहमति व्यक्त की।

थाईलैंड का 'लुक वेस्ट' और भारत का 'एक्ट ईस्ट'

राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री अनुतिन के नेतृत्व में थाईलैंड की 'लुक वेस्ट' (Look West) नीति और भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा।

 • व्यापारिक लक्ष्य: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में 17 बिलियन डॉलर के पार है, जिसे अगले दो वर्षों में 25 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

 • BIMSTEC में भूमिका: बंगाल की खाड़ी के देशों के संगठन (BIMSTEC) में थाईलैंड भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है।

क्यों खास है अनुतिन का कार्यकाल?

थाईलैंड की राजनीति में अनुतिन चर्नविराकुल एक अनुभवी राजनेता और कुशल प्रशासक माने जाते हैं। भारत के साथ उनके पुराने जुड़ाव और आर्थिक सुधारों के प्रति उनकी रुचि से भारतीय निवेशकों के लिए थाईलैंड में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

अगला कदम: शिखर सम्मेलन की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण भी दिया है। वर्ष 2026 के अंत तक दोनों देशों के बीच एक उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन (Summit) होने की संभावना है, जिसमें रक्षा और डिजिटल भुगतान (UPI) जैसे क्षेत्रों में बड़े समझौतों पर मुहर लग सकती है।



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