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प्रशासन की चौपाल: नागेपुर में जिलाधिकारी की खरी-खरी, कहा- 'योजनाओं की राह में रोड़ा बर्दाश्त नहीं'

by on | 2026-02-10 08:44:05

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प्रशासन की चौपाल: नागेपुर में जिलाधिकारी की खरी-खरी, कहा- 'योजनाओं की राह में रोड़ा बर्दाश्त नहीं'

वाराणसी |  जब अधिकारी दफ्तरों की ए.सी. छोड़कर गांव की पगडंडियों पर उतरते हैं, तो फाइलें नहीं, सीधे समाधान बोलते हैं। विकास खंड आराजी लाइन के नागेपुर गांव में आज कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। 'गांव की समस्या, गांव में समाधान' के तहत आयोजित ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने न केवल ग्रामीणों का दर्द सुना, बल्कि लापरवाह सिस्टम को सख्त संदेश भी दिया।

सीधा संवाद: हकीकत की कसौटी पर सरकारी दावे

​जिलाधिकारी ने जब मंच संभाला, तो औपचारिकताएं पीछे छूट गईं। उन्होंने सीधे ग्रामीणों से पूछा—"योजना मिल रही है या सिर्फ कागजों पर है?" ग्रामीणों ने संतोष जताया, लेकिन जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेताया कि "पात्र वंचित न रहे" यह कोई नारा नहीं, बल्कि आदेश है।

  • आयुष्मान कार्ड: जिलाधिकारी ने साफ कहा कि 5 लाख तक का मुफ्त इलाज हर गरीब का हक है। कार्ड बनाने की सुस्ती बर्दाश्त नहीं होगी।
  • किसान सम्मान निधि: फसल बीमा और सम्मान निधि की शिकायतों पर अधिकारियों को मौके पर ही 'डेडलाइन' थमा दी गई।
  • पेंशन का पेच: विधवा, वृद्धा और दिव्यांग पेंशन के मामलों में ब्लॉक के बाबुओं को हिदायत दी गई कि वे खुद सत्यापन करें, गरीब को दफ्तरों के चक्कर न कटवाएं।

वोटर लिस्ट पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': एक महीना बढ़ा समय

​चौपाल सिर्फ सरकारी मदद तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि एक भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए।

"निर्वाचन आयोग ने SIR की समय-सीमा एक माह बढ़ा दी है। 18 साल के हुए युवा फॉर्म-6 भरें, नाम कटवाना हो तो फॉर्म-7 और सुधार के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल करें। बीएलओ के भरोसे न बैठें, खुद जागरूक बनें।"सत्येन्द्र कुमार, जिलाधिकारी


ग्राउंड जीरो पर मौजूद रही टीम

​इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, डीसी मनरेगा पवन कुमार सिंह सहित तमाम विभागों का भारी लश्कर मौजूद रहा। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि चौपाल में आए आवेदनों को रद्दी की टोकरी में न फेंका जाए, बल्कि उनका निस्तारण रिपोर्ट कार्ड के साथ पेश किया जाए।



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