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सोनभद्र पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': कफ सिरप के 'सुल्तान' की सल्तनत जमींदोज!

by on | 2026-01-31 20:43:14

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सोनभद्र पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': कफ सिरप के 'सुल्तान' की सल्तनत जमींदोज!

​नशा तस्करों सावधान! सोनभद्र पुलिस ने कफ सिरप सिंडिकेट की कमर तोड़ते हुए इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वाराणसी से लेकर सोनभद्र तक फैले अवैध कोडीन साम्राज्य के 'किंगपिन' भोला प्रसाद जायसवाल की करोड़ों की काली कमाई को खाकी ने 'फ्रीज' कर दिया है।
​ 5.76 करोड़ का 'ताजा झटका', कुल आंकड़ा पहुंचा 34 करोड़ के पार!
​सोनभद्र के एसपी अभिषेक वर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम ने शनिवार (31 जनवरी 2026) को वाराणसी में जो स्ट्राइक की, उससे नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है।
​आज की चोट: ₹5,76,17,990 की संपत्ति कुर्क।
​पिछला प्रहार: 23 जनवरी को ही ₹28.50 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई थी।
​सर्कस का अंत: अब तक भोला जायसवाल की कुल ₹34 करोड़ से ज्यादा की जायदाद पुलिस के कब्जे में है।
​ फॉर्च्यूनर से लेकर बैंक बैलेंस तक... सब खाकी के नाम!
​एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F के तहत पुलिस ने केवल जमीनें ही नहीं, बल्कि भोला के शौक और सिंडिकेट के पहियों को भी जाम कर दिया है:
​अचल संपत्तियां: वाराणसी के मड़ौली, भरलाई और जगदीशपुर में करोड़ों के भूखंड (कीमत ₹4.55 करोड़)।
​लग्जरी गाड़ियों का काफिला: सफेद रंग की ठाठ वाली फॉर्च्यूनर लेजेंडर, हुंडई i20 और दो स्कूटर (कीमत ₹51.16 लाख)।
​बैंक बैलेंस पर ताला: विभिन्न खातों में जमा ₹70.99 लाख की नकदी को भी पुलिस ने सीज कर दिया है।
​ SIT की 'सर्जिकल स्ट्राइक'
​यह कोई मामूली छापेमारी नहीं थी। इसके पीछे SIT निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव, प्रभारी निरीक्षक नागेश सिंह और चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी की महीनों की मेहनत थी। पुलिस ने भोला जायसवाल के साथ-साथ उसकी सहयोगी शारदा जायसवाल और मनोज यादव के नाम पर दर्ज बेनामी संपत्तियों की परतें उधेड़ कर रख दीं।
​एसपी अभिषेक वर्मा का बेबाक संदेश: "यह तो बस ट्रेलर है। नशे की कमाई से महल खड़ा करने वालों की एक-एक ईंट कुर्क की जाएगी। NDPS एक्ट और BNNS के तहत यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक यह सिंडिकेट जड़ से खत्म न हो जाए।"
​ बेबाक नजरिया
​कफ सिरप का अवैध कारोबार युवाओं की नसों में जहर घोलने का सबसे आसान जरिया बन गया था। सोनभद्र पुलिस ने अपराधी को सिर्फ जेल नहीं भेजा, बल्कि उस 'आर्थिक ऑक्सीजन' को ही काट दिया जिसके दम पर यह माफिया फल-फूल रहा था। जब संपत्ति जब्त होती है, तब अपराध का असली दर्द महसूस होता है।



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