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आदिवासियों की जमीन पर गिद्ध दृष्टि डालने वालों की अब खैर नहीं, कोर्ट का हंटर चला!

by on | 2026-01-29 18:20:17

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आदिवासियों की जमीन पर गिद्ध दृष्टि डालने वालों की अब खैर नहीं, कोर्ट का हंटर चला!


 सोनभद्र।

सोनभद्र में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब आदिवासियों की पुश्तैनी जमीन पर ट्रैक्टर चलाने से भी बाज नहीं आ रहे। लेकिन कानून के हाथ लंबे हैं! विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए रामपुर बरकोनिया इंस्पेक्टर को तत्काल FIR दर्ज करने का आदेश सुना दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​मामला बिरनचुआ गांव का है। विफनी देवी और रामविलास गोड़ ने कोर्ट में गुहार लगाई थी कि उनकी एकमात्र सहारा जमीन पर दबंगों ने कब्जा करने की कोशिश की।

आरोप के मुताबिक:

  • 23 नवंबर 2025 की सुबह भू-माफिया कृष्ण कुमार जायसवाल, रीता जायसवाल और उनके गुर्गों ने ट्रैक्टर लेकर पीड़ितों के खेत में जबरन सरसों की बुवाई शुरू कर दी।
  • ​जब गरीब आदिवासियों ने अपनी जमीन बचाने की कोशिश की, तो उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी देकर खदेड़ दिया गया।
  • ​हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने इस मामले में चुप्पी साधे रखी। पीड़ितों ने थाने से लेकर एसपी तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन जब इंसाफ नहीं मिला, तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली।

अदालत की सख्त टिप्पणी

​अधिवक्ता सीपी द्विवेदी और आनंद ओझा की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने इसे अत्यंत गंभीर अपराध माना। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि:

  1. ​रामपुर बरकोनिया थाना प्रभारी तुरंत FIR दर्ज करें।
  2. ​मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी (CO) स्तर के अधिकारी से कराई जाए।
  3. ​जांच के परिणाम से कोर्ट को समय-समय पर अवगत कराया जाए।
  4. बेबाक नजरिया: जब रक्षक ही मौन हो जाएं, तो न्याय की उम्मीद अदालत से ही बचती है। आदिवासियों की जमीन हड़पने का यह खेल सोनभद्र में पुराना है, लेकिन इस बार कोर्ट के आदेश ने साफ कर दिया है कि भू-माफिया चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, कानून से ऊपर नहीं हैं।



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