ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

महाराष्ट्र की राजनीति के 'चाणक्य' अजित पवार का विमान हादसे में निधन

by on | 2026-01-28 11:29:55

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3209


महाराष्ट्र की राजनीति के 'चाणक्य' अजित पवार का विमान हादसे में निधन


बारामती/पुणे: महाराष्ट्र की सियासत से आज एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP (अजित पवार गुट) के अध्यक्ष अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार की सुबह बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड विमान (Learjet 45) दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

हादसे की बेबाक हकीकत:

  • समय और स्थान: हादसा सुबह लगभग 8:48 बजे हुआ जब विमान रनवे के बेहद करीब था।
  • धमाका और आग: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लैंडिंग के वक्त विमान का संतुलन बिगड़ा और वह रनवे से फिसलकर क्रैश हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान में तुरंत भीषण आग लग गई।
  • हताहत: DGCA की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस दुखद हादसे में अजित पवार समेत कुल 5 से 6 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें उनके निजी सुरक्षाकर्मी और चालक दल के सदस्य शामिल थे।

​इस खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात कर शोक व्यक्त किया है। बारामती समेत पूरे महाराष्ट्र में सन्नाटा पसरा है और समर्थकों की भारी भीड़ अस्पताल की ओर उमड़ रही है।

अजित पवार का राजनैतिक सफर: सत्ता के 'पावर हाउस' की कहानी

​अजित पवार सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक ऐसे धुरंधर थे जिनके बिना सत्ता का समीकरण अधूरा माना जाता था।

1. शुरुआती दौर और बारामती का गढ़

​अजित पवार ने अपने करियर की शुरुआत सहकारी क्षेत्र से की थी। 1991 में वे पहली बार बारामती से सांसद बने, लेकिन अपने चाचा शरद पवार के लिए सीट छोड़ दी। उसके बाद से बारामती विधानसभा उनकी पहचान बन गई, जहाँ से वे लगातार रिकॉर्ड मतों से जीतते रहे।

2. 'दादा' का प्रशासनिक रसूख

​महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें 'दादा' के नाम से जाना जाता था। उनकी कार्यशैली 'कड़क' और पारदर्शी मानी जाती थी। वे सुबह 6 बजे मंत्रालय पहुँचने और फाइलों को तुरंत निपटाने के लिए मशहूर थे। सिंचाई, वित्त और बिजली जैसे भारी-भरकम मंत्रालयों पर उनकी जबरदस्त पकड़ थी।

3. रिकॉर्ड उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

​अजित पवार के नाम महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे अधिक बार (6 बार) उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड है। चाहे वह कांग्रेस-NCP गठबंधन हो या हालिया महायुति सरकार, अजित पवार हमेशा सत्ता के केंद्र में रहे।

4. राजनैतिक विद्रोह और नई राह

​जुलाई 2023 में उन्होंने एक ऐतिहासिक और साहसी कदम उठाते हुए NCP में विभाजन किया और भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हुए। 2025 के हालिया विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी ताकत का लोहा मनवाया और अपने भतीजे युगेंद्र पवार को हराकर बारामती पर अपना वर्चस्व कायम रखा।

बेबाक टिप्पणी: अजित पवार का जाना न केवल एक परिवार की क्षति है, बल्कि महाराष्ट्र ने एक ऐसा 'मास्टरमाइंड' खो दिया है जो ज़मीनी हकीकत और प्रशासनिक बारीकियों को उंगलियों पर रखता था।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment