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बक्सर में भू-माफियाओं की शामत: 26 जनवरी से 'मापी महाअभियान', सीएम के सीधे दखल से प्रदीप राय गैंग में खलबली!

by on | 2026-01-26 21:09:13

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बक्सर में भू-माफियाओं की शामत: 26 जनवरी से 'मापी महाअभियान', सीएम के सीधे दखल से प्रदीप राय गैंग में खलबली!

बक्सर (ब्यूरो)। बिहार सरकार ने भूमि विवाद की जड़ पर प्रहार करने के लिए कमर कस ली है। बक्सर जिले में 26 जनवरी से 'मापी महाअभियान' का बिगुल फूंक दिया गया है। मुख्यमंत्री के सीधे संज्ञान और सख्त निर्देश के बाद जिला प्रशासन अब उन भू-माफियाओं की फाइलें खोलने की तैयारी में है, जिन्होंने रसूख के दम पर जमीनों पर अवैध कब्जे कर रखे थे। इस अभियान का सबसे बड़ा निशाना कथित भू-माफिया प्रदीप राय और उसका सिंडिकेट बताया जा रहा है।

गोलम्बर की कीमती जमीन पर 'गैंग' की नजर, अब गिरेगी गाज!

सूत्रों की मानें तो बक्सर गोलम्बर के पास स्थित निजी काश्त की जमीन, जो ऐतिहासिक रूप से मेले के लिए उपयोग होती रही है, उस पर भू-माफिया गैंग अवैध निर्माण की साजिश रच रहा है। चर्चा गरम है कि इस सिंडिकेट ने कई जगहों पर होटल और स्कूल तक तनवा दिए हैं। लेकिन अब प्रशासन की 'डिजिटल रडार' सक्रिय हो चुकी है। सीएम के 'मापी फरमान' के बाद अब इन अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलने की सुगबुगाहट तेज है।

दबंगों की 'मैराथन बैठकें' और आकाओं से गुहार

खबर है कि सरकार की इस सख्ती ने जमीन हड़पने वाले गैंग की नींद उड़ा दी है। बक्सर के गलियारों में चर्चा है कि दबंगों और उनके गुर्गों की मैराथन बैठकें चल रही हैं। राजनीतिक आकाओं के दरवाजे खटखटाए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की मंशा साफ है—31 दिसंबर 2025 तक के सभी लंबित मामलों को शून्य करना है और जमीन की एक-एक इंच का हिसाब लेना है।

31 मार्च तक 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप'

 * ऑनलाइन आवेदन: अब मापी के लिए दर-दर नहीं भटकना होगा, विवादित और अविवादित श्रेणी चुनकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

 * विशेष अमीन: बक्सर बंदोबस्त पदाधिकारी ने अंचलवार अमीनों की फौज उतार दी है।

 * डेडलाइन: 31 मार्च 2026 तक बक्सर के सभी अंचलों में लंबित मापी कार्य को हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य है।

इज ऑफ लिविंग या माफिया का एंड?

सरकार इसे 'इज ऑफ लिविंग' के तहत पारदर्शिता लाने की पहल बता रही है, लेकिन जमीन की दलाली करने वालों के लिए यह 'इज ऑफ एंड' साबित हो सकता है। अंचलाधिकारी अब खुद विवाद की परिभाषा तय करेंगे, जिससे सालों से उलझे मामलों का निपटारा ऑन-स्पॉट हो सकेगा।


"बेबाक नजरिया:" बक्सर के गोलम्बर से लेकर गांव की गलियों तक जमीन की लूट का जो खेल सालों से चल रहा था, उस पर नकेल कसने का यह सही समय है। प्रदीप राय जैसे किंगमेकरों पर अगर कार्रवाई होती है, तभी आम जनता का भरोसा सिस्टम पर बहाल होगा। देखना होगा कि साहबों की मापी की 'जरीब' माफिया की गर्दन तक पहुँचती है या नहीं!




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