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रावर्ट्सगंज तहसील में 'पट्टा खेल' का पर्दाफाश! भू-माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार की साख पर बट्टा

by on | 2026-01-23 22:53:37

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रावर्ट्सगंज तहसील में 'पट्टा खेल' का पर्दाफाश! भू-माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार की साख पर बट्टा


​सोनभद्र | ​सोनभद्र की रावर्ट्सगंज तहसील इन दिनों भ्रष्टाचार का 'अड्डा' बन चुकी है। गरीबों के हक पर डाका डालकर भू-माफियाओं को उपकृत करने का एक बड़ा खेल उजागर हुआ है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने गुरुवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली की बखिया उधेड़ दी है। उन्होंने दो टूक कहा कि यह भ्रष्टाचार न केवल जनता के साथ धोखा है, बल्कि योगी सरकार की बेदाग छवि को धूमिल करने की एक गहरी साजिश है।
​करोड़ों का 'सड़क किनारे' वाला खेल
​डॉ. तिवारी ने साक्ष्यों के साथ बताया कि ग्राम लसड़ा और अक्षौर में बांध की बेशकीमती जमीन को अपात्र व्यक्तियों के नाम पट्टा कर दिया गया है। इसके पीछे की गणित बेहद शातिर है—रावर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग के फोरलेन बनने की सुगबुगाहट के बीच सड़क किनारे की करोड़ों की जमीन को ठिकाने लगाने के लिए तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल ने भू-माफियाओं से हाथ मिला लिया है।
​नदी का वजूद खतरे में, माफियाओं की मौज
​शिकायती पत्र में यह सनसनीखेज आरोप लगाया गया है कि सिरोही नदी, जो कभी अविरल बहती थी, उसे भू-माफियाओं ने पाटकर कब्जा कर लिया है। वहां अवैध बाउंड्री और मकान खड़े हो गए हैं, लेकिन प्रशासन धृतराष्ट्र बना बैठा है। डॉ. तिवारी ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह नदी इतिहास के पन्नों में दफन हो जाएगी।
​ट्रांजैक्शन का 'खुला खेल' और कर्मचारी का खाता
​भ्रष्टाचार के आरोपों की आंच अब तहसील के भीतर तक पहुँच गई है। डॉ. तिवारी का आरोप है कि अवैध प्लाटिंग और धन उगाही का पैसा तहसील के ही एक कर्मचारी शुभांशु के खाते में ट्रांजैक्शन किया गया है। उन्होंने शमसुद्दीन, शहाबुद्दीन और सलीम जैसे प्लाटिंग करने वालों के साथ अधिकारियों के गठजोड़ की ओर इशारा करते हुए सबकी संपत्ति की जांच की मांग की है।
​मुसही में 'राजा साहब' की जमीन पर भी टेढ़ी नजर
​सिर्फ लसड़ा ही नहीं, मुसही में भी जमीन विवादों को सुलझाने के बजाय तहसीलदार द्वारा व्यक्तिगत रुचि लेकर मामले को उलझाने और धन उगाही का आरोप लगा है।
​"तहसीलदार, एसडीएम, कानूनगो और लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है। गरीबों का हक मारकर भू-माफियाओं की जेब भरने वालों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए और उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए।" > — डॉ. धर्मवीर तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा
​बेबाक राय: जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? जिलाधिकारी को सौंपे गए इन गंभीर साक्ष्यों के बाद अब देखना यह है कि क्या भ्रष्ट अधिकारियों पर 'बुलडोजर' चलता है या फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं।



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