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45 करोड़ की जमीन मुक्त, अब किसानों का होगा राज!

by on | 2026-01-20 23:08:22

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45 करोड़ की जमीन मुक्त, अब किसानों का होगा राज!


वाराणसी | महादेव की नगरी में अब फूलों की खुशबू बिचौलियों के पसीने से नहीं, बल्कि किसानों की मुस्कान से महकेगी। मलदहिया-इंग्लिशिया लाइन स्थित जिस फूल मंडी पर दबंगों और अवैध कब्जेदारों का साया था, उसे नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की टीम ने न केवल मुक्त कराया है, बल्कि इसे पूरी तरह 'निशुल्क' घोषित कर एक नई नजीर पेश की है।

 खत्म हुआ बिचौलियों का 'गुंडा टैक्स'

अब तक इस मंडी में गरीब किसानों से अवैध वसूली की जाती थी। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब कोई 'बिचौलिया' बीच में नहीं आएगा। किसान सीधे नगर निगम से अनुबंध (Contract) करेंगे।

 * कुल लाभार्थी: लगभग 500 किसान और छोटे व्यापारी।

 * लागत: शून्य (पूरी तरह मुफ्त आवंटन)।

 * सुरक्षा: अवैध वसूली करने वालों पर सीधी FIR के निर्देश।

 45 करोड़ की जमीन पर 'बाबा' का बुलडोजर और निगम का न्याय

करीब 11 हजार वर्ग फीट की यह प्राइम लोकेशन वाली जमीन, जिसकी बाजार में कीमत 45 करोड़ रुपये है, लंबे समय से अवैध कब्जे का शिकार थी। नगर निगम ने इसे खाली कराकर यह साबित कर दिया है कि सरकारी संपत्ति पर अब केवल जनहित का काम होगा। जमीन का मालिकाना हक भले ही रक्षा संपदा विभाग के पास हो, लेकिन इसका प्रबंधन अब पूरी तरह पारदर्शी होगा।

अधिकारियों के बेबाक बोल

 "हमारा लक्ष्य है कि बाबा विश्वनाथ के धाम में फूल बेचने वाले किसी भी गरीब किसान का एक भी रुपया शोषण में न जाए। अब किसान डरे नहीं, सीधे निगम से जुड़ें।"

हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त

"राजस्व विभाग को सत्यापन के निर्देश दे दिए गए हैं। किसानों को वैधानिक मान्यता मिलेगी ताकि उन्हें भविष्य में कोई डरा-धमका न सके।"

अनिल यादव, सहायक नगर आयुक्त

 बेबाक 24 का विश्लेषण: क्यों है यह फैसला ऐतिहासिक?

वाराणसी में फूल मंडी केवल एक व्यापारिक स्थल नहीं है, यह काशी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सालों से चल रही 'अवैध वसूली' की परंपरा को तोड़ना एक बड़ा साहसिक कदम है। नायब तहसीलदार खुद जमीन पर उतरकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन अब फाइलों से निकलकर धरातल पर काम कर रहा है।

सावधान: नगर निगम ने दो टूक चेतावनी दी है—अगर किसी ने किसानों को धमकाया या पुरानी वसूली फिर शुरू करने की कोशिश की, तो उसकी जगह मंडी में नहीं, बल्कि जेल की सलाखों के पीछे होगी।




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