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अमेरिकी चुनाव का असर: टेक कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट

by on | 2026-11-06 14:50:43

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अमेरिकी चुनाव का असर: टेक कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट

अमेरिका और एशिया | बेबाक24 न्यूज़

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद वैश्विक शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विकास और विस्तार को धीमा करने के पक्ष में चुनाव लड़ने वाले डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की जीत के बाद प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। इस बिकवाली के चलते अमेरिका और एशिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों के बाजार मूल्य में सैकड़ों अरब डॉलर की कमी आई है।

नैस्डैक में 5.5% से अधिक की गिरावट

तकनीकी कंपनियों की अधिक हिस्सेदारी वाले नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक में 5.5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोन्स के आंकड़ों के अनुसार, इस गिरावट से कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में अनुमानित 2.5 ट्रिलियन डॉलर की कमी आई।

अमेरिका के अन्य प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। वर्ष 2025 के बाद यह अमेरिकी बाजार के लिए सबसे खराब कारोबारी दिन रहा।

बाजार में इस गिरावट के पीछे एआई क्षेत्र में किए जा रहे भारी निवेश से भविष्य में मिलने वाले लाभ को लेकर पहले से मौजूद आशंकाएं भी अहम मानी जा रही हैं।

एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव

अमेरिकी बाजार में गिरावट का असर एशिया के शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार सुबह कारोबार शुरू होते ही तकनीकी कंपनियों की अधिक भागीदारी वाले सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

जापान का निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में 5% तक नीचे आ गया। इस दौरान पैनासोनिक के शेयर 10% से अधिक टूटे, जबकि हिताची के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई।

दक्षिण कोरिया में भी तकनीकी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। इसके चलते कोस्पी सूचकांक 8.5% से अधिक गिर गया। प्रमुख चिप निर्माता एसके हाइनिक्स के शेयर 11.5% से ज्यादा नीचे आए, जबकि सैमसंग के शेयरों में लगभग 10% की गिरावट दर्ज की गई।

डेटा सेंटरों के विस्तार पर रोक का मुद्दा

अमेरिका के कई चुनावी क्षेत्रों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने अपने प्रचार अभियान के दौरान डेटा सेंटरों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बढ़ते विस्तार को नियंत्रित करने की बात उठाई थी।

चुनाव के दौरान मतपत्रों पर ऐसे दर्जनों प्रस्ताव भी शामिल किए गए, जिनका उद्देश्य एआई तकनीक के संचालन के लिए जरूरी डेटा सेंटरों के निर्माण और विस्तार पर प्रतिबंध लगाना था।

निवेशकों के बीच यह आशंका बढ़ी है कि यदि ऐसे प्रस्तावों और नीतियों को समर्थन मिलता है, तो एआई से जुड़ी परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। इसका असर इस क्षेत्र में निवेश और कंपनियों की भविष्य की कमाई पर पड़ने की चिंता के रूप में बाजार में दिखाई दे रहा है।

बेबाक24 टेक

अमेरिकी चुनाव के बाद तकनीकी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट बताती है कि निवेशक अब एआई क्षेत्र में बढ़ते खर्च के साथ-साथ उससे जुड़े नीतिगत जोखिमों पर भी नजर रख रहे हैं। डेटा सेंटरों के विस्तार पर संभावित रोक और एआई निवेश से लाभ मिलने की अनिश्चितता ने बाजार की चिंता बढ़ाई है। आने वाले समय में इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए नीतिगत फैसले और निवेश पर मिलने वाला प्रतिफल महत्वपूर्ण रहेंगे।



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