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चारधाम हेलीकॉप्टर सेवा पर संकट, सह-पायलट नियम के विरोध में ऑपरेटरों ने संचालन रोका

by on | 2026-11-02 16:59:45

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चारधाम हेलीकॉप्टर सेवा पर संकट, सह-पायलट नियम के विरोध में ऑपरेटरों ने संचालन रोका

देहरादून | बेबाक24 न्यूज़

चारधाम यात्रा की चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवा को लेकर हेली ऑपरेटरों और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। डीजीसीए के सह-पायलट अनिवार्य करने के फैसले का विरोध करते हुए ऑपरेटरों ने सोमवार, 2 नवंबर से चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवा बंद करने का एलान किया है। ऑपरेटरों का कहना है कि नए नियम से संचालन का खर्च बढ़ेगा और सेवा आर्थिक रूप से चलाना मुश्किल हो जाएगा।

बदरीनाथ हादसे के बाद लिया गया फैसला

30 अक्टूबर को चमोली जिले के ज्योतिर्मठ के पास बदरीनाथ से लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना के बाद डीजीसीए ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के साथ बैठक की।

बैठक के बाद चारधाम यात्रा के दौरान देहरादून के सहस्त्रधारा से संचालित चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाओं में सह-पायलट की अनिवार्यता का निर्णय लिया गया। केदारनाथ के लिए गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा से संचालित शटल हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी इस नियम को लागू करने की बात कही गई।

सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहा है डीजीसीए

नए नियम को 2 नवंबर से लागू किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही हेली ऑपरेटरों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन से जुड़े नियम और मानक डीजीसीए निर्धारित करता है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाओं में सह-पायलट अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि ऑपरेटरों ने सह-पायलट रखने में आर्थिक कठिनाइयों की बात रखी है। डीजीसीए के दिशानिर्देशों के आधार पर ही आगे संचालन किया जाएगा।

ऑपरेटरों को अतिरिक्त खर्च और सीटें खाली रहने की चिंता

राजस एयरोस्पोर्ट्स एंड एडवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष सैनी ने कहा कि नए नियम के तहत सह-पायलट रखने से हेलीकॉप्टर की 6 में से 2 सीटें खाली रखनी पड़ेंगी। इसके अलावा अतिरिक्त चालक दल का खर्च भी उठाना होगा।

उनका कहना है कि इन परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन आर्थिक रूप से मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डीजीसीए ने नियम वापस नहीं लिया तो ऑपरेटर चार्टर्ड सेवा के साथ केदारनाथ धाम की हेलीकॉप्टर सेवा भी बंद करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

मनीष सैनी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेटर सुरक्षा संबंधी सरकारी आदेशों के खिलाफ नहीं हैं। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और वे सुरक्षित हवाई सेवा के पक्षधर हैं। ऑपरेटरों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं भी रखी हैं।

अगले साल लागू हो सकता है नया नियम

चारधाम यात्रा 16 नवंबर को शीतकाल के लिए स्थगित हो जाएगी। ऐसे में मौजूदा यात्रा के समाप्त होने में कुछ ही दिन बाकी हैं।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, डीजीसीए की अनुमति मिलने पर नए नियम को अगले वर्ष की चारधाम यात्रा से लागू करने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय डीजीसीए के दिशानिर्देशों के आधार पर ही होगा।

बेबाक24 टेक

चारधाम हेलीकॉप्टर सेवाओं में सह-पायलट की अनिवार्यता का फैसला यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है, जबकि ऑपरेटर इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर चिंता जता रहे हैं। अब चुनौती सुरक्षा मानकों और सेवा संचालन की व्यावहारिकता के बीच संतुलन बनाने की है। नए नियम को अगले यात्रा सत्र तक टालने पर फैसला होगा या नहीं, यह डीजीसीए की अनुमति और आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा।



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