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दिल्ली में पुराने वाहनों की एंट्री पर रोक, बॉर्डर पर लंबा जाम

by on | 2026-11-02 16:59:15

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दिल्ली में पुराने वाहनों की एंट्री पर रोक, बॉर्डर पर लंबा जाम

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। प्रतिबंध लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सोमवार को चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी और कालिंदी कुंज समेत कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को वापस भेज रही है, जिससे लोगों को यातायात जाम का सामना करना पड़ रहा है।

चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की सघन जांच

सोमवार सुबह से ही दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों को रोककर उनके उत्सर्जन मानक और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी और कालिंदी कुंज पर जांच के कारण कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। आया नगर बॉर्डर पर भी पुलिसकर्मी वाहनों की जांच कर रहे हैं। हालांकि, सुबह करीब 11:30 बजे कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति में कमी देखी गई।

रविवार को अलग-अलग बॉर्डर पर दिखा अलग असर

प्रतिबंध लागू होने के पहले दिन रविवार को दिल्ली से सटे अलग-अलग बॉर्डर पर कार्रवाई का मिला-जुला असर दिखाई दिया।

आनंद विहार, गाजीपुर, अप्सरा और लोनी बॉर्डर पर पुलिसकर्मियों ने दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की जांच की। गाजीपुर बॉर्डर पर दस्तावेजों और उत्सर्जन मानकों की पड़ताल की गई, जबकि आनंद विहार में विशेष रूप से डीजल वाहनों पर नजर रखी गई।

अप्सरा और लोनी बॉर्डर पर भी प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को रोका गया और उन्हें दिल्ली में प्रवेश देने के बजाय वापस भेजा गया।

चिल्ला बॉर्डर पर पहले दिन क्यों नहीं दिखी सख्ती?

रविवार को चिल्ला बॉर्डर पर पुलिस की तैनाती के बावजूद वाहनों को रोकने की कार्रवाई स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दी। इसकी वजह रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली बताई गई। रैली के कारण नोएडा से दिल्ली आने वाले यातायात को नहीं रोका गया था।

हालांकि, सोमवार को इसी बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी गई और वाहनों की जांच के बाद प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को वापस भेजा जाने लगा।

बीएस-4 और बीएस-6 को लेकर क्या है खबर में अंतर?

उपलब्ध जानकारी में प्रतिबंध को कहीं बीएस-4 वाहनों पर रोक बताया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर पुलिस की ओर से बीएस-6 से कम श्रेणी के वाहनों को वापस भेजने का उल्लेख है। इसलिए प्रतिबंध के दायरे को लेकर स्पष्टता जरूरी है। वाहन चालकों को दिल्ली में प्रवेश से पहले लागू आधिकारिक नियमों की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।

बेबाक24 टेक

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहनों पर प्रतिबंध लागू होने से सीमावर्ती रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में वाहन चालकों को घर से निकलने से पहले अपने वाहन की उत्सर्जन श्रेणी और लागू प्रतिबंधों की जानकारी जांच लेनी चाहिए। साथ ही, प्रतिबंध के दायरे को लेकर प्रशासन की स्पष्ट सूचना जरूरी है, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी और जाम से बचाया जा सके।



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