ब्रेकिंग न्यूज़
यूपी को पहली शयनयान वंदे भारत की सौगात, बनारस से दिल्ली का सफर होगा आसान
राष्ट्रीय सुरक्षा

नए वायुसेना प्रमुख का संदेश: ड्रोन और आधुनिक हथियार बदल रहे युद्ध का स्वरूप

by on | 2026-11-01 14:29:44

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3002


नए वायुसेना प्रमुख का संदेश: ड्रोन और आधुनिक हथियार बदल रहे युद्ध का स्वरूप

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ड्रोन, लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाले हथियार, अंतरिक्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई तकनीकें युद्ध का स्वरूप बदल रही हैं। ऐसे में भारतीय वायुसेना को हर चुनौती का सामना करने और युद्ध जीतने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।

अगले दशक की जरूरतों के मुताबिक तैयार होगी वायुसेना

परेड ग्राउंड में सलामी लेने के बाद दीक्षित ने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां अब भी गंभीर हैं। वायुसेना को अगले दशक की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और सक्षम ताकत के रूप में विकसित करना उनकी प्राथमिकता होगी।

उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के प्रति विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना के प्रदर्शन को सराहा

नए वायुसेना प्रमुख ने निवर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने सटीक और निर्णायक हवाई शक्ति का प्रदर्शन किया।

दीक्षित ने कहा कि उन्हें एक मजबूत और पूरी तरह तैयार स्थिति में वायुसेना की कमान सौंपी गई है।

'वायु' के मंत्र से तय होंगी प्राथमिकताएं

दीक्षित ने अपनी कार्ययोजना को 'वायु' नाम दिया है। इसके चार अक्षर वायुसेना की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।

V – सतर्कता, विजय और तत्परता: हर विमानन दस्ता, रडार, वायु रक्षा इकाई और वायुसैनिक को किसी भी समय जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा। लड़ाकू क्षमता को मजबूत करना भी प्राथमिकता होगी।

A – आत्मनिर्भरता: तेजस एमके-1ए, तेजस एमके-2, उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए), स्वदेशी संवेदक और हथियारों के विकास पर जोर दिया जाएगा। लक्ष्य भारतीय तकनीक के आधार पर सैन्य जरूरतों को पूरा करना है।

Y – युक्ति और नवाचार: कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कमान प्रणाली, ड्रोन रोधी बहुस्तरीय रक्षा, सैन्य ठिकानों की सुरक्षा, रखरखाव और अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं में सुधार पर ध्यान दिया जाएगा।

U – सामूहिक प्रयास और एकजुटता: थल सेना, नौसेना और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर योजना बनाने और काम करने पर जोर रहेगा। दीक्षित के मुताबिक, हवाई शक्ति का प्रभावी इस्तेमाल तभी संभव है, जब उसे शुरुआत से ही संयुक्त सैन्य योजनाओं का हिस्सा बनाया जाए।

भविष्य के युद्ध के लिए तकनीकी तैयारी पर जोर

दीक्षित ने साइबर तकनीक, अंतरिक्ष और विद्युत चुंबकीय क्षेत्र को भी युद्ध के बदलते स्वरूप से जुड़ी महत्वपूर्ण क्षमताएं बताया। उनके अनुसार, वायुसेना को केवल आधुनिक हथियारों से लैस करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि तकनीक, प्रशिक्षण और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय भी मजबूत करना होगा।

बेबाक24 टेक

नए वायुसेना प्रमुख का 'वायु' मंत्र बताता है कि आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की रणनीति केवल लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी। स्वदेशी तकनीक, ड्रोन रोधी सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संयुक्त सैन्य संचालन उसकी तैयारी के अहम आधार बनेंगे।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment