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टेस्ट पायलट से वायुसेना प्रमुख तक: कौन हैं एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित?

by on | 2026-11-01 14:29:07

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टेस्ट पायलट से वायुसेना प्रमुख तक: कौन हैं एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित?

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भारतीय वायुसेना को 31 अक्टूबर 2026 को नया प्रमुख मिल गया है। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने निवर्तमान प्रमुख अमर प्रीत सिंह के स्थान पर 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाल लिया है। करीब 40 साल के सैन्य अनुभव, 3,300 घंटे से अधिक की उड़ान और 20 से ज्यादा प्रकार के विमानों को उड़ाने का अनुभव रखने वाले दीक्षित का करियर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों और सैन्य अभियानों से जुड़ा रहा है।

मिराज-2000 से तेजस तक उड़ाने का अनुभव

आशुतोष दीक्षित प्रशिक्षित उड़ान प्रशिक्षक और प्रायोगिक परीक्षण पायलट हैं। उन्होंने मिराज-2000, मिग-21, जगुआर, तेजस, एचपीटी-32, एएन-32, एवरो, किरण, आईएल-78 और हॉक समेत 20 से अधिक प्रकार के विमान उड़ाए हैं।

उनके पास 3,300 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव है। यही अनुभव उन्हें वायुसेना के अनुभवी पायलटों में शामिल करता है।

कई अहम पदों पर संभाली जिम्मेदारी

दीक्षित ने अपने सैन्य करियर में परिचालन, कमान और रणनीतिक योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वे केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं।

वायुसेना मुख्यालय में उन्होंने उप वायुसेना प्रमुख, सहायक वायुसेना प्रमुख (परियोजनाएं) और सहायक वायुसेना प्रमुख (योजनाएं) जैसी जिम्मेदारियां निभाईं। मई 2025 में उन्होंने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के अधीन एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख का दायित्व संभाला था।

करगिल युद्ध से ऑपरेशन सिंदूर तक

आशुतोष दीक्षित का नाम कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों से जुड़ा रहा है। उन्होंने 1999 के करगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर और जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक में भूमिका निभाई। इसके अलावा वे कोप इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर से भी जुड़े रहे।

रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी।

स्वदेशी लड़ाकू विमानों और तकनीक पर जोर

दीक्षित स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने तेजस सहित भारतीय एयरोस्पेस परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

विमान परीक्षण प्रतिष्ठान में रहते हुए उन्होंने जगुआर और मिग-27 विमानों की प्रणालियों के आधुनिकीकरण से जुड़े कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान परियोजना के तकनीकी परीक्षणों और विश्लेषण की योजना बनाने में भी योगदान दिया।

थिएटर कमांड और रक्षा बलों का एकीकरण

एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख के रूप में दीक्षित ने तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने पर काम किया। उनके कार्यकाल में 20 संयुक्त सैन्य सिद्धांतों, रणसंवाद 2025 और 2026 तथा रक्षा बल दृष्टि 2047 की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में काम हुआ।

थिएटर कमांड की अवधारणा के तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमताओं को एकीकृत करने पर जोर दिया जाता है, ताकि संयुक्त सैन्य अभियान अधिक समन्वित तरीके से संचालित किए जा सकें।

बेबाक24 टेक

आशुतोष दीक्षित के सामने अब भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने और बदलते युद्ध के स्वरूप के अनुरूप तैयारी मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी है। ड्रोन, लंबी दूरी के सटीक मारक हथियार और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल आने वाले समय में उनकी प्राथमिक चुनौतियों में शामिल रहेंगे।



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