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सौरव दास की नागरिकता पर सवाल, मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

by on | 2026-10-30 21:31:02

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सौरव दास की नागरिकता पर सवाल, मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

चेन्नई | बेबाक24 न्यूज़

मद्रास हाईकोर्ट ने पत्रकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास की पहचान और राष्ट्रीयता की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी से जवाब मांगा है और मामले को 6 सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

तमिलनाडु के कांचीपुरम निवासी गणेश कुमार ने यह याचिका दाखिल की है। इसमें सौरव दास की नागरिकता, पारिवारिक पृष्ठभूमि और पहचान की जांच कराने के साथ उनके पासपोर्ट, आधार कार्ड और सामाजिक माध्यमों पर मौजूद खातों को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिका में क्या आरोप लगाए गए ?

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि सौरव दास ने सार्वजनिक मंचों पर न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। याचिका में कहा गया है कि ऐसी टिप्पणियां न्यायपालिका की गरिमा को प्रभावित करती हैं।

गणेश कुमार की ओर से पेश अधिवक्ता बी. जगन्नाथ ने अदालत को बताया कि इस संबंध में पहले संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई।

पासपोर्ट और आधार रद्द करने की भी मांग

याचिका में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, केंद्रीय गृह मंत्रालय और अन्य संबंधित अधिकारियों से सौरव दास की राष्ट्रीयता तथा पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच कराने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि जांच में दास के भारतीय नागरिक नहीं होने की पुष्टि होती है, तो उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द किया जाए। इसके अलावा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को उनके एक्स और इंस्टाग्राम खाते बंद करने का निर्देश देने की मांग भी की गई है।

याचिका में दास को न्यायपालिका के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां करने से रोकने की मांग भी शामिल है।

अदालत ने दस्तावेजों पर मांगा स्पष्टीकरण

मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों का उल्लेख किया। पीठ ने दस्तावेजों को देखा और उनमें दर्ज कुछ विवरणों पर स्पष्टीकरण भी मांगा।

अदालत ने सौरव दास, केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब सभी पक्षों के जवाब आने के बाद मामले में आगे सुनवाई होगी।

क्या अदालत ने आरोप सही माने ?

फिलहाल हाईकोर्ट ने केवल याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। अदालत ने सौरव दास की नागरिकता को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। न ही उनका पासपोर्ट, आधार कार्ड या सोशल मीडिया खाते बंद करने का कोई आदेश दिया है।

नागरिकता और न्यायपालिका पर टिप्पणियों से जुड़े सभी आरोप अभी याचिकाकर्ता के दावे हैं। उनकी पुष्टि होना बाकी है।

बेबाक24 टेक

मद्रास हाईकोर्ट में यह मामला सौरव दास की नागरिकता, पहचान और कथित टिप्पणियों से जुड़े आरोपों पर केंद्रित है। अदालत के नोटिस को आरोपों की पुष्टि या किसी कार्रवाई का अंतिम आदेश नहीं माना जा सकता। अब मामले में संबंधित पक्षों के जवाब और आगे की न्यायिक सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।



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