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भूटान में ग्लेशियर झील फटी, बंगाल-असम में बाढ़ का अलर्ट

by on | 2026-10-30 14:36:28

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भूटान में ग्लेशियर झील फटी, बंगाल-असम में बाढ़ का अलर्ट

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भूटान के गासा जिले में शिंताफू हिमनद झील फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इससे मो छू नदी में जलस्तर बढ़ गया और प्रसिद्ध गासा त्साचू गर्म पानी का झरना बह गया। घटना के बाद भारत के पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

यह घटना गुरुवार शाम की बताई गई है। अधिकारियों ने उत्तर बंगाल में सतर्कता बढ़ाते हुए आपातकालीन तैयारियां शुरू कर दी हैं।

किन इलाकों में बढ़ा खतरा?

शिंताफू झील मो छू नदी के उद्गम क्षेत्र में स्थित है। इसे भूटान की संभावित खतरनाक हिमनद झीलों में शामिल किया जाता है। झील से निकला पानी मो छू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। कूच बिहार में संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। असम के धुबरी जिले में प्रशासन संभावित प्रभावों से निपटने की तैयारी कर रहा है।

संकोश नदी आगे चलकर असम में ब्रह्मपुत्र नदी में मिलती है। इसी वजह से नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

असम सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उनके कार्यालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, धुबरी के उपायुक्त मौके पर मौजूद हैं और निचले इलाकों में संभावित प्रभावों से निपटने की तैयारी की जा रही है।

दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने भी लोगों से एहतियाती कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि भूटान के लेमथांग क्षेत्र में झील फटने के बाद पानी मो छू नदी से होते हुए संकोश नदी की ओर बढ़ रहा है।

एनडीआरएफ की टीमें सतर्क

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक पीयूष आनंद ने कहा कि भूटान में हिमनद झील फटने की घटना को लेकर संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीमें सतर्क हैं और केंद्रीय जल आयोग तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग समेत अन्य एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।

पश्चिम बंगाल के अधिकारी एसपी शॉ ने भी लोगों से घबराने के बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सतर्क हैं तथा लोगों की परेशानियां दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले भी बह चुका है गासा त्साचू

भूटान में इससे पहले 26 अगस्त 2021 को आई भीषण बाढ़ के दौरान भी गासा त्साचू गर्म पानी का झरना प्रभावित हुआ था। उस समय उफनती मो छू नदी ने अपना रास्ता बदलकर झरने की ओर रुख कर लिया था।

क्या होती है हिमनद झील फटने से आने वाली बाढ़?

हिमनद झील फटने से आने वाली बाढ़ तब होती है, जब ग्लेशियरों के पीछे हटने या पिघलने से बनी झील में जमा पानी अचानक बाहर निकल जाता है। झील को रोकने वाला प्राकृतिक बांध टूटने पर पानी तेजी से नीचे की ओर बहता है और रास्ते में बस्तियों, सड़कों तथा अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा सकता है।

भारी बारिश, भूस्खलन, हिमस्खलन, भूकंप या ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने जैसी परिस्थितियां इस तरह की घटना को जन्म दे सकती हैं। बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण हिमनद क्षेत्रों में ऐसे खतरों को लेकर चिंता बढ़ी है।

बेबाक24 टेक

भूटान में शिंताफू हिमनद झील फटने के बाद पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। संकोश नदी के किनारे बसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। एनडीआरएफ और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। ऐसे में लोगों के लिए जरूरी है कि वे प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और नदी के किनारे या निचले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।



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