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दर्दनाक हादसा: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर बेकाबू स्कॉर्पियो 30 फीट नीचे गिरी; मां-बेटे की मौत, गांव में पसरा मातम

by on | 2026-10-29 21:31:02

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दर्दनाक हादसा: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर बेकाबू स्कॉर्पियो 30 फीट नीचे  गिरी; मां-बेटे की मौत, गांव में पसरा मातम

​बलिया से बनारस जा रहा परिवार काल के गाल में समाया

​बनारस/गाजीपुर (बेबाक 24):

ग्रीनफील्ड  एक्सप्रेस-वे पर बीती रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर एक्सप्रेस-वे की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 30 फीट नीचे जा गिरी। इस भीषण हादसे में मां और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के पहिए उखड़ गए और गाड़ी लोहे के मलबे में तब्दील हो गई।


​आधी रात का सन्नाटा और पलक झपकते ही तबाही

​घटना जंगीपुर थाना क्षेत्र के शेखपुर (पिलर नंबर 340) के पास की है। बलिया जिले के नरही से एक परिवार और उनके साथी स्कॉर्पियो में सवार होकर वाराणसी की ओर जा रहे थे। गाड़ी की रफ्तार करीब 100 से 120 किमी प्रति घंटा बताई जा रही है।

​रात के करीब 1 बजे, शेखपुर के पास स्थित खतरनाक मोड़ पर चालक रमेश वर्मा गाड़ी से नियंत्रण खो बैठे। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एक्सप्रेस-वे की भारी-भरकम ग्रिल और रेलिंग को चीरती हुई हवा में उछली और कई पलटे खाते हुए नीचे बिजली के पोल से जा टकराई। धमाके की भयानक आवाज सुनकर शेखपुर गांव के लोग सहमकर जाग उठे और तुरंत अपनी जान जोखिम में डालकर मौके की ओर दौड़े।

​गाड़ी के दरवाजे तोड़कर निकाले गए खून से लथपथ लोग

​सूचना मिलते ही जंगीपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद गाड़ी के दरवाजे तोड़े गए। उल्टी पड़ी स्कॉर्पियो के भीतर फंसे पांचों लोगों को लहूलुहान हालत में बाहर निकाला गया।

​मौत का शिकार: हादसे में क्षमा (पत्नी) और उनके बेटे अनमोल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।


​घायल और स्थिति: चालक रमेश वर्मा, मनोज चौबे और रत्नेश मिश्रा को गंभीर हालत में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से स्थिति बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें बीएचयू (BHU) ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान एक अन्य घायल की भी मौत की सूचना मिल रही है, हालांकि प्रशासनिक तौर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।


​नरही गांव में पसरा मातम, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने बंधाया ढांढस

​दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस हृदय विदारक घटना के बाद मृतक के पैतृक गांव नरही में मातम छा गया है और शोक की लहर दौड़ पड़ी है। हरेराम उपाध्याय उर्फ छोटक उपाध्याय के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।

​दुख की इस घड़ी में पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी भी मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया तथा इलाजरत घायलों की हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, गांव के समाजसेवी अवनीश राय 'सेवक' दीपू लगातार परिजनों के साथ गाजीपुर जिला अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक हर कदम पर सहयोग में डटे रहे।

​स्थानीय लोगों में आक्रोश: खतरनाक मोड़ बना जानलेवा

​घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और जानकारों का कहना है कि उस जगह पर अत्यधिक तीव्र मोड़ (Sharp Turn) होने के कारण तेज रफ्तार गाड़ियों के पहिए उठ जाते हैं। यदि इस पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में यहां और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।

​प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और टोल प्लाजा के कर्मचारी हरकत में आए। हाइड्रा क्रेन की मदद से स्कॉर्पियो के मलबे को खाई से बाहर निकालकर थाने पहुंचाया गया।

​शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह अत्यधिक तेज रफ्तार और रात के वक्त खतरनाक मोड़ पर नियंत्रण छूटना माना जा रहा है। बेबाक 24 की टीम इस दुखद खबर पर नजर बनाए हुए है। पुलिस मामले की गहनता से आगे की जांच कर रही है।



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