ब्रेकिंग न्यूज़
यूपी को पहली शयनयान वंदे भारत की सौगात, बनारस से दिल्ली का सफर होगा आसान
राजनीति राजनीति

एसआईआर पर कांग्रेस के सवाल: 10 करोड़ मतदाताओं की जांच में मिले 1,600 विदेशी

by on | 2026-10-29 13:53:10

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3107


एसआईआर पर कांग्रेस के सवाल: 10 करोड़ मतदाताओं की जांच में मिले 1,600 विदेशी

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि 6 राज्यों में करीब 10 करोड़ लोगों की जांच के दौरान केवल 1,600 संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान हुई, जबकि मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए गए। कांग्रेस ने पूछा है कि यदि इस प्रक्रिया का उद्देश्य विदेशी नागरिकों की पहचान करना था, तो इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाने की जरूरत क्यों पड़ी?

जयराम रमेश ने उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक, झारखंड, मेघालय, केरल, गोवा और मिजोरम में एसआईआर के दौरान अब तक करीब 1,600 विदेशी नागरिकों की पहचान हुई है।

रमेश ने इस आंकड़े के आधार पर एसआईआर के उद्देश्य और उसके तरीके पर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची की खामियां दूर करने के बजाय इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।

गृह मंत्री के दावों पर भी सवाल

जयराम रमेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एसआईआर के प्रमुख उद्देश्यों में घुसपैठियों की पहचान करना, उनके नाम मतदाता सूची से हटाना और उन्हें देश से बाहर निकालना बताया था।

कांग्रेस ने सवाल किया कि यदि विदेशी नागरिकों की पहचान करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य था, तो अब तक सामने आए आंकड़े क्या संकेत देते हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि बाकी 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित आंकड़े सामने नहीं आए हैं।

कर्नाटक में 99.7 लाख नाम हटने का दावा

कांग्रेस ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मतदाता सूची से करीब 99.7 लाख नाम हटाए गए, जबकि 716 लोगों की पहचान विदेशी नागरिकों के रूप में हुई। पार्टी के मुताबिक, इन 716 लोगों में 545 नेपाल के नागरिक हैं।

कांग्रेस का कहना है कि नाम हटाने की संख्या और विदेशी नागरिकों की पहचान के आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर है। इसी आधार पर पार्टी ने एसआईआर की प्रक्रिया और उसके औचित्य पर सवाल खड़े किए हैं।

एसआईआर रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया तत्काल रोकने और ईसीआईनेट पोर्टल में बदलाव की मांग दोहराई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से आम नागरिकों के मतदान के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

हालांकि, ये कांग्रेस के आरोप हैं। चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वह कानून के दायरे में काम कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे पर भी विवाद

कांग्रेस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे को लेकर भी सवाल उठाए थे। पार्टी ने इसे धोखाधड़ी भरा और दोहरे मापदंड वाला बताया।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने 248 पन्नों के हलफनामे में फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने के आरोपों को खारिज किया। आयोग के अनुसार, मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले इस कानूनी फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

चुनाव आयुक्तों की असहमति पर चर्चा

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 बार ऐसे फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई, जिनका संबंध मुख्य रूप से एसआईआर से था।

इस रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने कहा कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय सामने आना सामान्य है। आयोग के मुताबिक, उसके आदेश कानूनी रूप से वैध हैं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी किए गए हैं।

बेबाक24 टेक

एसआईआर को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद का केंद्र मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया, विदेशी नागरिकों की पहचान और मतदान के अधिकार का सवाल है। कांग्रेस ने उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपने फैसलों और प्रक्रियाओं का बचाव किया है। मामले में अलग-अलग दावों का आकलन करने के लिए संबंधित राज्यों के आधिकारिक आंकड़े और आयोग का पक्ष महत्वपूर्ण होंगे।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment