by on | 2026-10-28 14:45:19 Last Updated by admin@bebak24.com on
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भुवनेश्वर | बेबाक24 न्यूज़
चक्रवाती तूफान अर्नब के कमजोर पड़ने के बावजूद आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में अलर्ट जारी है। तेज आंधी के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। ओडिशा के 6 जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दल तैनात किए हैं।
भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, तट पार करने के दौरान हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति और कालाहांडी में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है। बारगढ़, सुबरनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ में भी तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 29 अक्टूबर के लिए सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बारगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में रात 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, तट पार करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है और तूफान का केंद्रीय हिस्सा पूरी तरह जमीन पर पहुंच चुका है। सुबह 8:30 बजे यह कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। इस दौरान हवा की रफ्तार घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई।
अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, अगले 6 घंटों में यह चक्रवाती तूफान और उसके बाद अगले 6 घंटों में गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। इसके दक्षिणी ओडिशा से गुजरने के बाद छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने की आशंका है।
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य के दक्षिणी हिस्से में हाई अलर्ट जारी है।
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि दक्षिणी ओडिशा के सभी जिलों के प्रभावित होने की आशंका है। मलकानगिरी पर सबसे अधिक असर पड़ सकता है। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर के निचले इलाकों तथा भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
चक्रवात की तेज हवाओं से पुडुचेरी के यानम में कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है और कई जगह आवाजाही प्रभावित हुई है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें सड़कों और घरों पर गिरे पेड़ों तथा मलबे को हटाने में जुटी हैं। एनडीआरएफ के कमांडर ईश्वर राव गाडे के अनुसार, एक बड़ा बरगद का पेड़ घर पर गिर गया था। हालांकि, घर के लोगों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था और इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में चक्रवात का व्यापक असर देखने को मिला। जिले के पुलिस अधीक्षक जी. बिंदु माधव के अनुसार, कई सौ पेड़ उखड़ गए और 100 से कम बिजली के खंभे गिरे। समुद्र तट के किनारे से गुजरने वाली उप्पाडा सड़क भी बह गई।
एहतियात के तौर पर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया था। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सड़कों से पेड़ हटाने और तेज हवाएं थमने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
चक्रवात अर्नब के कारण विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी में उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं। कई विमानन कंपनियों ने उड़ानें रद्द कर दीं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है। विमानन कंपनियों को उड़ान रद्द होने, देरी और दोबारा बुकिंग तथा धनवापसी के विकल्पों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि चक्रवात के कारण अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को संपत्ति के नुकसान को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में भोजन, पीने के पानी और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ फसलों को हुए नुकसान का शुरुआती आकलन करने को भी कहा है।
चक्रवात अर्नब के तट पार करने के बाद इसकी तीव्रता में कमी आई है, लेकिन आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तेज हवाओं, भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और सड़कों से मलबा हटाने का काम तेज किया है। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
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