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मोबाइल पीएलआई योजना: ₹19,000 करोड़ के प्रोत्साहन से ₹3.25 लाख करोड़ का कर संग्रह

by on | 2026-10-28 13:33:19

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मोबाइल पीएलआई योजना: ₹19,000 करोड़ के प्रोत्साहन से ₹3.25 लाख करोड़ का कर संग्रह

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि मोबाइल उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार ने ₹19,000 करोड़ देने के बावजूद मोबाइल उद्योग से ₹3.25 लाख करोड़ का कर संग्रह किया है। इसमें ₹25,000 करोड़ प्रत्यक्ष कर और ₹3 लाख करोड़ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में प्राप्त हुए हैं।

वैष्णव ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर आंकड़े साझा करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं की आलोचनाओं का जवाब दिया। उनके अनुसार, भारत में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में वृद्धि के साथ रोजगार के अवसर बढ़े हैं और देश की आयात पर निर्भरता घटी है।

25 लाख लोगों को मिला रोजगार

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, देश के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में करीब 25 लाख लोग काम कर रहे हैं। इनमें मोबाइल फोन विनिर्माण क्षेत्र में लगभग 12 लाख लोगों को रोजगार मिला है।

सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और निर्यात को बढ़ावा देना है। मंत्री ने साझा किए गए आंकड़ों के जरिए योजना के तहत दिए गए प्रोत्साहन और सरकार को मिले कर राजस्व के बीच अंतर को रेखांकित किया।

मोबाइल निर्यात ₹2 लाख करोड़ तक पहुंचा

सरकार की ओर से मार्च में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत से ₹2 लाख करोड़ के मोबाइल फोन का निर्यात हुआ। इसी अवधि में घरेलू मांग के मुकाबले मोबाइल फोन का आयात घटकर लगभग 0.02% रह गया, जबकि 10 साल पहले यह करीब 75% था।

ये आंकड़े देश में मोबाइल फोन के घरेलू उत्पादन में हुई वृद्धि और आयात पर निर्भरता कम होने की ओर संकेत करते हैं।

10 साल में 6 गुना बढ़ा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 में इलेक्ट्रॉनिक सामान का उत्पादन करीब ₹1.9 लाख करोड़ था, जो 2024-25 में बढ़कर लगभग ₹11.3 लाख करोड़ हो गया।

इसी अवधि में मोबाइल फोन का उत्पादन लगभग ₹18,000 करोड़ से बढ़कर ₹5.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात भी करीब ₹38,000 करोड़ से बढ़कर ₹3.3 लाख करोड़ हो गया।

अब ₹62,500 करोड़ की नई योजना

सरकार ने मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) भी शुरू की है। इसके तहत उपकरणों के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कुल ₹62,500 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रावधान बताया गया है।

इस योजना का उद्देश्य भारत में स्मार्टफोन के विकास, डिजाइन और निर्माण को प्रोत्साहित करना है। वैष्णव ने स्वदेशी स्मार्टफोन ब्रांड विकसित करने के लक्ष्य के लिए अक्टूबर 2028 की समय-सीमा तय की है।

बेबाक24 टेक

मोबाइल पीएलआई योजना से जुड़े सरकारी आंकड़े भारत में मोबाइल उत्पादन, निर्यात और रोजगार में हुई वृद्धि को रेखांकित करते हैं। अश्विनी वैष्णव के अनुसार, ₹19,000 करोड़ के प्रोत्साहन के मुकाबले सरकार को ₹3.25 लाख करोड़ का कर राजस्व मिला है। हालांकि, योजना के समग्र आर्थिक प्रभाव का आकलन करने के लिए कर संग्रह के साथ निवेश, रोजगार की गुणवत्ता और सरकारी प्रोत्साहन की कुल लागत जैसे पहलुओं को भी देखना महत्वपूर्ण होगा।



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