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राम मंदिर चंदा विवाद: कांग्रेस ने 105 बार नकदी निकालने का लगाया आरोप, जांच की मांग

by on | 2026-10-27 11:35:23

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राम मंदिर चंदा विवाद: कांग्रेस ने 105 बार नकदी निकालने का लगाया आरोप, जांच की मांग

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने और दान, निर्माण ठेकों तथा भुगतान का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव एवं सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि वित्तीय व्यवस्था में कमियों की जानकारी पहले ही सामने आ गई थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं किए गए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। ये सभी आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय व्यवस्था पर सवाल

जयराम रमेश के अनुसार, नवंबर 2020 में एक निजी ऑडिट फर्म ने राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था और कामकाज में कई कमियों की ओर ध्यान दिलाया था।

उनके दावे के मुताबिक, रिपोर्ट में जिम्मेदारियां स्पष्ट नहीं होने, चंदे का हिसाब रखने की कमजोर व्यवस्था और लेन-देन की दोबारा जांच के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने जैसी बातें सामने आई थीं। उन्होंने प्रशिक्षित लेखा कर्मचारियों की कमी, बैंक खातों के मिलान और कंप्यूटर में दर्ज आंकड़ों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस का आरोप है कि ऑडिट फर्म ने हर लेन-देन के लिए स्पष्ट नियम बनाने और सोने-चांदी जैसी कीमती भेंट का पूरा रिकॉर्ड रखने की सलाह दी थी, लेकिन इन सुझावों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

गिनती कक्ष से 105 बार नकदी निकालने का आरोप

जयराम रमेश ने दावा किया कि 2026 में राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में चंदे की गिनती से जुड़ी गंभीर बातें सामने आईं। उनके अनुसार, गिनती कक्ष से कथित तौर पर 105 बार बिना अनुमति नकदी निकाली गई।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ कर्मचारी सीसीटीवी कैमरों के सामने खड़े होकर उनकी निगरानी में बाधा डालते थे। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के निष्कर्षों का सामने आना जरूरी है।

निर्माण ठेकों में 40 फीसदी कमीशन का दावा

कांग्रेस ने मंदिर निर्माण परियोजना के ठेकों में कथित भ्रष्टाचार के आरोप भी उठाए हैं। जयराम रमेश के मुताबिक, परियोजना से जुड़े इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को शिकायत दी थी कि निर्माण ठेकों में 40 फीसदी तक कमीशन लिया जा रहा है।

आरोपों में मजदूरों के रिकॉर्ड में कथित फर्जी नाम दर्ज करने और निर्माण सामग्री की कीमत बढ़ाकर दिखाने की बातें भी शामिल हैं। कांग्रेस का कहना है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय इंजीनियर को पद से हटा दिया गया।

इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब और जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध सामग्री के आधार पर इन्हें प्रमाणित भ्रष्टाचार के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

कीमती दान की रसीद और हिसाब पर सवाल

जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि भक्तों की ओर से दी गई कुछ कीमती वस्तुएं बिना आधिकारिक रसीद के स्वीकार की गईं। कांग्रेस ने सोने, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के दान का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है।

पार्टी का कहना है कि मंदिर को दान देने वाले लोगों को यह जानने का अधिकार है कि उनकी भेंट का हिसाब कैसे रखा जाता है। कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस की 3 प्रमुख मांगें

  • चंदे, जमीन के सौदों और निर्माण कार्यों से जुड़े आरोपों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जाए।

  • ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका की जांच हो और कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित न रहे।

  • वर्ष 2020 से अब तक मिले दान, कीमती वस्तुओं, ऑडिट रिपोर्ट, निर्माण ठेकों और उनसे जुड़े भुगतानों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।

कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

बेबाक24 टेक

राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे और निर्माण कार्यों को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच और वित्तीय विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए ऑडिट रिपोर्ट, एसआईटी के निष्कर्ष और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा। जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को प्रमाणित तथ्य मानना उचित नहीं है।



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