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जामिया में 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव की उम्मीद, संविधान की मंजूरी के 15 दिन बाद मतदान

by on | 2026-10-26 12:34:22

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जामिया में 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव की उम्मीद, संविधान की मंजूरी के 15 दिन बाद मतदान

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव कराने की दिशा में कदम बढ़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार, 26 अक्टूबर को आदेश जारी कर कहा कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, अभी संविधान को मंजूरी देने और मतदान की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है।

छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर परिसर में कई दिनों से प्रदर्शन चल रहा था। प्रशासन के नए आदेश में प्रदर्शन के दौरान जारी छात्रों के निलंबन आदेश और कारण बताओ नोटिस वापस लेने के साथ सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए समिति गठित करने की बात भी कही गई है।

छात्रों के निलंबन और नोटिस होंगे वापस

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर की गई निलंबन संबंधी कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए समिति बनाई जाएगी।

आदेश में प्रदर्शनकारी छात्रों से प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कथित मानहानिकारक बयानों और गतिविधियों के लिए सार्वजनिक माफी देने को भी कहा गया है। संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का निर्देश भी दिया गया है।

छात्र संगठन ने आदेश पर उठाए सवाल

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रशासन के आदेश पर असंतोष जताया है। संगठन के मुताबिक, आदेश में छात्र संघ को बहाल करने की स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। संविधान को मंजूरी देने की प्रक्रिया और चुनाव की तारीख को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

छात्रों ने प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग का आदेश में उल्लेख नहीं होने पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि केवल आश्वासन से मांगें पूरी नहीं मानी जा सकतीं। छात्रों को अपनी मांगों पर स्पष्ट और लिखित जवाब चाहिए।

तड़के रजिस्ट्रार ने छात्रों से की बातचीत

छात्र संगठन के बयान के अनुसार, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे परिसर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की और प्रशासन का आदेश साझा किया। इसके बाद उन्होंने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की।

हालांकि, छात्र संगठन ने आदेश को अपनी मुख्य मांगों की पूर्ण स्वीकृति नहीं माना। छात्रों का कहना है कि संविधान की मंजूरी की प्रक्रिया और मतदान की तारीख स्पष्ट होने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

अब कब होंगे चुनाव?

प्रशासन के आदेश के अनुसार, चुनाव संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद होंगे। यानी मतदान की तारीख तय होने से पहले संविधान को मंजूरी देना जरूरी है। फिलहाल, इस मंजूरी की तारीख घोषित नहीं की गई है।

ऐसे में करीब 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव होने की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन मतदान की तारीख और चुनाव प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम अभी स्पष्ट नहीं है।

बेबाक24 टेक

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग पर प्रशासन ने लिखित आदेश जारी कर निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने तथा सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की जांच का फैसला लिया है। हालांकि, छात्र संगठन अब भी संविधान की मंजूरी, चुनाव की निश्चित तारीख और अन्य मांगों पर स्पष्ट लिखित जवाब चाहता है। आगे की स्थिति प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत पर निर्भर करेगी।



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