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गुजरात की दिवाली पत्रिका से हटाई गई कविता, वीएचपी ने जताई थी आपत्ति

by on | 2026-10-26 12:33:54

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गुजरात की दिवाली पत्रिका से हटाई गई कविता, वीएचपी ने जताई थी आपत्ति

गुजरात की दिवाली पत्रिका से हटाई गई कविता, वीएचपी ने जताई थी आपत्ति

अहमदाबाद | बेबाक24 न्यूज़

गुजरात सरकार की वार्षिक दिवाली पत्रिका के ऑनलाइन संस्करण से कवि अजीज टंकारवी की कविता हटा दी गई है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कविता में भगवान राम और भक्त मीराबाई को लेकर कथित आपत्तिजनक संदर्भ होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से शिकायत की थी। इसके बाद पत्रिका में कविता की जगह दूसरी रचना शामिल की गई।

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की थी मांग

वीएचपी ने 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर विवादित कविता हटाने और इसे प्रकाशित करने की मंजूरी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। संगठन की अहमदाबाद क्षेत्र इकाई के सचिव अश्विन पटेल ने पत्रिका के पृष्ठ 389 पर प्रकाशित कविता पर आपत्ति जताई थी।

वीएचपी का आरोप था कि कविता में भगवान राम और मीराबाई को लेकर ऐसे संदर्भ हैं, जिनसे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। संगठन ने सरकारी प्रकाशन में ऐसी रचना शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाए।

दूसरी कविता को मिली जगह

कवि अजीज टंकारवी की रचना को गुजरात सरकार के सूचना एवं प्रसारण विभाग की ओर से प्रकाशित होने वाली वार्षिक पत्रिका ‘गुजरात दीपोत्सवी अंक’ के ऑनलाइन संस्करण से हटा दिया गया है। उसकी जगह कवि प्रकाश ‘जलाल’ की कविता ‘जोइए’ शामिल की गई है।

गुजरात वीएचपी के प्रवक्ता हितेंद्रसिंह राजपूत ने कविता हटाए जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संगठन की मांग पर कार्रवाई की है।

सरकारी प्रकाशनों की सामग्री की समीक्षा की मांग

वीएचपी ने कहा कि दिवाली भगवान राम के 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद अयोध्या लौटने से जुड़ा पर्व है। ऐसे में दिवाली पर प्रकाशित सरकारी पत्रिका में इस तरह की कविता शामिल किया जाना चिंताजनक है।

संगठन ने मांग की कि सरकारी प्रकाशनों में रचनाएं शामिल करने से पहले संबंधित लेखकों के पुराने लेखन की समीक्षा की जाए। साथ ही, कविता को मंजूरी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई।

इस मामले पर सूचना एवं प्रसारण विभाग के सचिव विक्रांत पांडेय की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। पत्रिका का ऑनलाइन संस्करण गुजरात सरकार के सूचना आयुक्तालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

बेबाक24 टेक

गुजरात सरकार की दिवाली पत्रिका से कविता हटाए जाने का मामला धार्मिक भावनाओं और सरकारी प्रकाशनों की संपादकीय समीक्षा को लेकर चर्चा में है। वीएचपी ने कविता को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी, जबकि संबंधित विभाग की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



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