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ट्रंप की अपील: नेतन्याहू को वोट दें, ईरान के खिलाफ अभियान पूरा करना है

by on | 2026-10-26 12:27:12

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ट्रंप की अपील: नेतन्याहू को वोट दें, ईरान के खिलाफ अभियान पूरा करना है

तेल अवीव/वॉशिंगटन | बेबाक24 न्यूज़

इस्राइल में 27 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। उन्होंने इस्राइली मतदाताओं से नेतन्याहू को वोट देने की अपील करते हुए उन्हें साहसी और बेहतरीन प्रधानमंत्री बताया। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों का हवाला देते हुए कहा कि शुरू किए गए काम को पूरा करना जरूरी है।

नेतन्याहू के समर्थन में ट्रंप का संदेश

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर नेतन्याहू के समर्थन में संदेश साझा किया। उन्होंने दोनों नेताओं के करीबी संबंधों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियान चलाए हैं।

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की नौसेना और वायुसेना को गंभीर नुकसान पहुंचा है तथा उसकी अर्थव्यवस्था भी बुरी स्थिति में है। उन्होंने ईरान में महंगाई दर 301% होने का भी दावा किया।

बोले- शुरू किए गए अभियान को पूरा करना है

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इससे ईरान की तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सैन्य और नेतृत्व ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

इस्राइली मतदाताओं से अपील करते हुए ट्रंप ने कहा कि मतदान के समय नेतन्याहू के नेतृत्व और उनके द्वारा किए गए कार्यों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इस्राइल को उस अभियान को पूरा करना है, जिसकी शुरुआत दोनों ने की थी।

नेतन्याहू ने मांगा था समर्थन?

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव से पहले नेतन्याहू ने ट्रंप से सार्वजनिक समर्थन हासिल करने की कोशिश की थी। हालांकि, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की प्रवक्ता नेटा मोल्चो ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि नेतन्याहू ने ट्रंप से समर्थन देने की मांग नहीं की थी।

ट्रंप इससे पहले 18 अक्टूबर को भी नेतन्याहू का समर्थन कर चुके हैं। उस समय उन्होंने नेतन्याहू को मजबूत और साहसी नेता बताया था। नेतन्याहू ने भी ट्रंप के समर्थन के लिए उनका आभार जताया था।

प्रतिद्वंद्वी ने कहा- नेता चुनना इस्राइलियों का अधिकार

नेतन्याहू के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी और पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस्राइल का नेता चुनने का अधिकार वहां के नागरिकों को है।

एएफपी के मुताबिक, तेल अवीव में एक सम्मेलन के दौरान आइजेनकोट ने कहा कि वह ट्रंप की प्रशंसा करते हैं, लेकिन इस्राइल एक लोकतांत्रिक देश है और उसका नेतृत्व चुनने का फैसला केवल इस्राइली मतदाता ही कर सकते हैं।

चुनाव में नेतन्याहू की साख दांव पर

27 अक्टूबर को होने वाले नेसेट यानी इस्राइली संसद के चुनाव में नेतन्याहू की सत्ता दांव पर है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान तथा ईरान में हुए युद्धों के बाद यह इस्राइल का पहला राष्ट्रीय चुनाव है।

हमास के हमले से पहले सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूकों को लेकर नेतन्याहू सरकार की आलोचना होती रही है। इसके अलावा, युद्धों और सरकार की नीतियों को लेकर भी मतदाताओं के बीच असंतोष की चर्चा है। ऐसे में ट्रंप का खुला समर्थन चुनाव से पहले अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

बेबाक24 टेक

इस्राइल के चुनाव से पहले ट्रंप ने नेतन्याहू के समर्थन में सीधे मतदाताओं से अपील की है। वहीं, नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी ने नेतृत्व चुनने के अधिकार को इस्राइली नागरिकों का आंतरिक लोकतांत्रिक मामला बताया है। चुनाव का परिणाम नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति और इस्राइल की आगामी नीतियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।



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