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ट्रंप का दावा: ईरान की परमाणु क्षमता तबाह, होर्मुज से बढ़ा तेल परिवहन

by on | 2026-10-26 12:26:34

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ट्रंप का दावा: ईरान की परमाणु क्षमता तबाह, होर्मुज से बढ़ा तेल परिवहन

वॉशिंगटन/रियाद | बेबाक24 न्यूज़

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमलों में उसकी परमाणु क्षमता पूरी तरह नष्ट कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने देना गंभीर खतरा पैदा कर सकता था, इसलिए संभावित परमाणु संघर्ष को रोकने के लिए पहले सैन्य कार्रवाई करना जरूरी था। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल परिवहन बढ़ने का भी दावा किया है। इस बीच, क्षेत्रीय सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके पात्र परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है।

परमाणु क्षमता तबाह करने का दावा

मिशिगन में एक रैली से पहले ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों से ईरान की परमाणु क्षमता को अनुमान से कहीं अधिक नुकसान पहुंचा है और यह क्षमता अब खत्म हो चुकी है।

ट्रंप के अनुसार, यदि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति दी जाती, तो इससे ऊर्जा संकट के साथ-साथ जान-माल के नुकसान का भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। उन्होंने कहा कि संभावित परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए पहले कार्रवाई करना आवश्यक था।

होर्मुज से तेल परिवहन बढ़ने का दावा

वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच ट्रंप ने दावा किया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से अब युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले अधिक तेल का परिवहन हो रहा है।

उन्होंने इसका श्रेय अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और सैन्य अभियानों को दिया। ट्रंप ने कहा कि उन्हें सैन्य कार्रवाई के कारण तेल की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी की आशंका थी, लेकिन अब जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर से भी अधिक हो गई है।

ईरान ने नीतियां नहीं बदलने की बात कही

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि भविष्य में युद्ध होता है या नहीं, इससे ईरान की नीतियों में बदलाव नहीं आएगा।

ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक, अराघची ने तेहरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई को तर्कहीन बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध की आशंकाओं के बावजूद ईरान अपनी मौजूदा नीतियों पर कायम रहेगा।

सऊदी अरब छोड़ने का आदेश क्यों?

सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने इसकी जानकारी दी।

अमेरिकी विदेश विभाग ने यह फैसला नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से पैदा हुए सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए लिया है।

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि संगठन ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ ऊर्जा प्रतिष्ठानों, तेल रिफाइनरियों और सऊदी अरब के कई विमानन तथा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी सुरक्षा अलर्ट में चेतावनी दी कि सीमा पार से हो रही शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के कारण क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

बेबाक24 टेक

ईरान की परमाणु क्षमता को नष्ट करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल परिवहन बढ़ने संबंधी ट्रंप के बयान अमेरिकी दावे हैं। दूसरी ओर, ईरान ने अपनी नीतियों पर कायम रहने की बात कही है। सऊदी अरब में अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का निर्देश क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है। इन घटनाक्रमों का असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।



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