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नागौर में बेनीवाल परिवार की सियासी भिड़ंत, छोटी भाभी ने बड़ी को हराया

by on | 2026-10-25 11:57:07

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नागौर में बेनीवाल परिवार की सियासी भिड़ंत, छोटी भाभी ने बड़ी को हराया

नागौर | बेबाक24 न्यूज़

राजस्थान के नागौर जिले के बरणगांव में सरपंच पद का चुनाव बेनीवाल परिवार के भीतर मुकाबले के कारण चर्चा में रहा। यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के सांसद हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां आमने-सामने थीं। दोनों रिश्ते में देवरानी-जेठानी होने के साथ सगी बहनें भी हैं। चुनाव में छोटी भाभी राजबाला बेनीवाल ने बड़ी भाभी मीरा बेनीवाल को 149 वोटों से हराकर जीत दर्ज की।

राजबाला को मिली जीत, मीरा को 21 वोट

बरणगांव में सांसद हनुमान बेनीवाल के भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला बेनीवाल सरपंच चुनी गईं। वहीं, उनके दूसरे भाई और पूर्व सरपंच रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी मीरा बेनीवाल को हार का सामना करना पड़ा।

रिपोर्ट के अनुसार, मीरा बेनीवाल को केवल 21 वोट मिले। सरपंच पद के लिए कुल 6 उम्मीदवार मैदान में थे। पपीता को 440, पिस्ता को 109 और अन्नपूर्णा को 97 वोट मिले। मतदान में 8 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना, जबकि 62 वोट निरस्त घोषित किए गए।

25 साल तक सरपंच रहे रामप्रसाद

इस चुनाव पर लोगों की नजरें इसलिए भी टिकी थीं, क्योंकि रामप्रसाद बेनीवाल करीब 25 साल तक बरणगांव के सरपंच रह चुके हैं। ऐसे में उनकी पत्नी मीरा बेनीवाल की हार और परिवार की दूसरी बहू राजबाला की जीत गांव में चर्चा का विषय बन गई।

दोनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबला पारिवारिक रिश्तों के कारण भी खास रहा। हालांकि, चुनाव में जीत का फैसला मतदाताओं ने अपने मतों के जरिए किया।

हनुमान बेनीवाल ने प्रचार से बनाई दूरी

सांसद हनुमान बेनीवाल के पैतृक गांव में हुए इस चुनाव में उन्होंने दोनों में से किसी भी भाभी के पक्ष में खुलकर प्रचार नहीं किया। इसके बावजूद सरपंच पद का यह मुकाबला नागौर जिले से बाहर भी चर्चा में रहा।

बेबाक24 टेक

बरणगांव का सरपंच चुनाव पारिवारिक रिश्तों और स्थानीय राजनीति के अनोखे मेल के कारण सुर्खियों में रहा। छोटी भाभी राजबाला बेनीवाल ने 149 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि बड़ी भाभी मीरा बेनीवाल को हार मिली। इस नतीजे ने गांव में लंबे समय तक सरपंच रहे परिवार के राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है।



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