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लॉरेंस बिश्नोई गैंग का जाल: युवाओं को रुतबे का लालच, अपराध की राह पर धकेलने के आरोप

by admin@bebak24.com on | 2026-10-21 13:55:01

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग का जाल: युवाओं को रुतबे का लालच, अपराध की राह पर धकेलने के आरोप

चंडीगढ़ | बेबाक24 न्यूज़

हरियाणा और पंजाब के युवाओं को कथित तौर पर पैसे, चमक-धमक और रुतबे का लालच देकर संगठित अपराध की दुनिया में शामिल किया जा रहा है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सिंडिकेट को लेकर सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बेरोजगार युवाओं के साथ नाबालिगों को भी सोशल मीडिया के माध्यम से निशाना बनाया जाता है। उन्हें आलीशान जीवनशैली के सपने दिखाकर हत्या, रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल करने के आरोप हैं।

टाइगर श्रॉफ मामले में हरियाणा के युवाओं के नाम

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में सोनीपत के रेहान सहित 2 आरोपियों की गिरफ्तारी का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पानीपत निवासी अनिल पंडित पर विदेश में बैठकर हमले की निगरानी करने और उसकी जिम्मेदारी लेने का आरोप है। इन दावों और आरोपियों की कथित भूमिकाओं की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।

इससे पहले अभिनेता सलमान खान पर हमले की कोशिश से जुड़े मामले में भी हरियाणा के कई लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस की कार्रवाई और जांच में अलग-अलग आरोपियों की कथित भूमिकाओं की पड़ताल की गई थी।

मूसेवाला हत्याकांड में भी हरियाणा के आरोपियों के नाम

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी हरियाणा के कई लोगों के नाम सामने आए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों पर सीधे हत्या में शामिल होने, जबकि अन्य पर रेकी करने, आरोपियों को ठहराने या वाहन और हथियार उपलब्ध कराने जैसे आरोप लगे थे।

इन मामलों में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही समझना जरूरी है। किसी मामले में नाम आने या आरोप लगने मात्र से दोष सिद्ध नहीं होता।

एनआईए के दावे ने बढ़ाई चिंता

रिपोर्ट में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के 2025 के एक दावे का उल्लेख है, जिसके अनुसार लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह में करीब 700 शूटर शामिल थे और इनमें लगभग 70 प्रतिशत हरियाणा तथा पंजाब के युवा और नाबालिग बताए गए थे। इस आंकड़े को एनआईए से संबंधित दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गिरोह के कुछ प्रशिक्षित और भरोसेमंद सदस्य विदेश में रहकर गतिविधियों की निगरानी करते हैं। सोशल मीडिया के जरिये संपर्क बनाना और आर्थिक जरूरतों का फायदा उठाना इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली का हिस्सा बताया गया है।

बेबाक24 टेक

युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित करने के लिए पैसे, पहचान और रुतबे का इस्तेमाल गंभीर सामाजिक चिंता है। बेरोजगारी, ऑनलाइन संपर्क और अपराधियों की दिखावटी जीवनशैली युवाओं को जोखिम भरे फैसलों की ओर धकेल सकती है। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को जागरूक करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और नाबालिगों को अपराधी नेटवर्क से बचाना भी जरूरी है।



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