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आरबीआई की बैठक शुरू, बढ़ सकती है रेपो दर; महंगाई और कच्चे तेल का दबाव

by admin@bebak24.com on | 2026-10-05 14:20:23

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आरबीआई की बैठक शुरू, बढ़ सकती है रेपो दर; महंगाई और कच्चे तेल का दबाव

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की 3 दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो गई। महंगाई के बढ़ते जोखिम और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच इस बैठक में रेपो दर को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। बाजार में अनुमान है कि 2023 के बाद पहली बार रेपो दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की जा सकती है। समिति 7 अक्टूबर को अपने फैसले की घोषणा करेगी।

कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है। दिए गए विवरण के अनुसार, ब्रेंट कच्चा तेल करीब 101.26 डॉलर प्रति बैरल और कच्चा तेल करीब 89.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

रिजर्व बैंक ने 2025 में कुल 125 आधार अंक की दर कटौती की थी। इसके बाद पिछली 4 बैठकों में रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखी गई। अब बदली आर्थिक परिस्थितियों के बीच दर बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।

वित्तीय संस्थाओं का क्या अनुमान

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार, अक्टूबर की बैठक में रेपो दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद वित्त वर्ष 2027 की शेष बैठकों में 1 या 2 और बढ़ोतरी के साथ दर को 5.75 से 6.00 प्रतिशत तक ले जाने की संभावना जताई गई है।

ईवाआई के विश्लेषण के अनुसार, समिति अमेरिकी फेडरल रिजर्व की हालिया 25 आधार अंक की दर वृद्धि, भारत की आर्थिक वृद्धि, थोक और उपभोक्ता महंगाई के दबाव तथा मुद्रा आपूर्ति में अपेक्षा से अधिक वृद्धि जैसे कारकों पर विचार कर सकती है।

एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि आने वाले महीनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई 6.5 प्रतिशत से ऊपर जा सकती है। रिपोर्ट में अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 आधार अंक की बढ़ोतरी के बाद शुरुआती 2027 में महंगाई 6 प्रतिशत से नीचे आने की स्थिति में आगे का फैसला लेने का सुझाव दिया गया है।

अगस्त में दर नहीं बदली थी

अगस्त 2026 की बैठक में मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी थी और अपना रुख तटस्थ रखा था। उस समय मानसून, अल नीनो, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार नीतियों को लेकर अनिश्चितता के बीच केंद्रीय बैंक ने इंतजार करना उचित समझा था।

वर्तमान में स्थायी जमा सुविधा दर 5.0 प्रतिशत, जबकि सीमांत स्थायी सुविधा दर और बैंक दर 5.5 प्रतिशत है।

महंगाई पर आरबीआई की नजर

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा पहले कह चुके हैं कि खाद्य और ईंधन की आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के कारण समग्र महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि, मूल महंगाई अभी मध्यम स्तर पर है और तीसरी तिमाही में उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद इसमें नरमी आने का अनुमान जताया गया है।

अब 7 अक्टूबर को होने वाला फैसला यह संकेत देगा कि रिजर्व बैंक महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों के दबाव से निपटने के लिए ब्याज दरों की दिशा में क्या कदम उठाता है।

बेबाक24 टेक

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की यह बैठक महंगाई और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अहम मानी जा रही है। यदि 25 आधार अंक की बढ़ोतरी होती है तो यह 2023 के बाद पहली दर वृद्धि होगी और आने वाले महीनों में ब्याज दरों की दिशा पर इसका असर पड़ सकता है।



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