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आईआईटी ने 22 कंपनियों से दो साल रोका सहयोग, 150 से ज्यादा छात्रों के नौकरी प्रस्ताव प्रभावित

by on | 2026-09-26 14:55:08

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आईआईटी ने 22 कंपनियों से दो साल रोका सहयोग, 150 से ज्यादा छात्रों के नौकरी प्रस्ताव प्रभावित

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

2026 बैच के छात्रों को दिए नौकरी के प्रस्ताव पूरे नहीं करने वाली 22 कंपनियों के खिलाफ ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी ने कार्रवाई की है। कमेटी ने इन कंपनियों के साथ अगले 2 साल तक सहयोग नहीं करने का फैसला किया है। इससे देश के 23 आईआईटी के 150 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं।

कमेटी ने इस कार्रवाई को ‘ब्लैकलिस्ट’ के बजाय ‘असहयोग’ की श्रेणी में रखा है। कंपनियों को 30 सितंबर 2026 तक इस फैसले की औपचारिक जानकारी दी जाएगी। सूची में ओरेकल के अलावा कई तकनीकी कंपनियां और स्टार्टअप भी शामिल हैं।

ऑफर वापस लेने या जॉइनिंग टालने से बढ़ी परेशानी

रिपोर्ट के अनुसार, ओरेकल ने आईआईटी परिसरों से करीब 40 नौकरी प्रस्ताव वापस लिए। कुछ अन्य कंपनियों ने भी अलग-अलग परिसरों से 10 से 15 प्रस्ताव वापस लिए या छात्रों की जॉइनिंग अनिश्चित समय के लिए टाल दी।

ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी ने जून में संबंधित कंपनियों को छात्रों को 15 सितंबर तक जॉइनिंग देने या 3 महीने का मुआवजा देने को कहा था। संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद आईआईटी-गुवाहाटी में हुई बैठक में सहयोग रोकने का फैसला लिया गया।

20 से 30 फीसदी छात्रों को मिली दूसरी नौकरी

प्रभावित छात्रों को राहत देने के लिए आईआईटी के प्लेसमेंट प्रकोष्ठों ने उनके बायोडाटा दूसरी कंपनियों के साथ साझा किए। इसके बाद करीब 20 से 30 फीसदी प्रभावित छात्रों को दूसरी जगह नौकरी मिलने की जानकारी सामने आई है।

कमेटी ने भविष्य के लिए भी प्लेसमेंट नियम सख्त किए हैं। अब किसी कंपनी के नौकरी का प्रस्ताव देने के बाद पीछे हटने पर उसके खिलाफ सीधे असहयोग की कार्रवाई की जा सकती है।

‘वन स्टूडेंट, वन जॉब’ नियम से बढ़ता है असर

आईआईटी में ‘वन स्टूडेंट, वन जॉब’ व्यवस्था के तहत एक छात्र को आधिकारिक नौकरी प्रस्ताव मिलने के बाद वह दूसरी कंपनी की प्लेसमेंट प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकता। ऐसे में कंपनी के प्रस्ताव वापस लेने पर छात्रों के पास नए अवसर तलाशने के विकल्प सीमित हो जाते हैं।

कमेटी ने यह भी तय किया है कि छात्र अपने बायोडाटा में जेईई एडवांस की रैंक, गेट स्कोर या आरक्षित श्रेणी का उल्लेख नहीं करेंगे। इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया में इन जानकारियों के आधार पर भेदभाव की संभावना को कम करना है।

बेबाक24 टेक

आईआईटी की कार्रवाई का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ा है, जिनके नौकरी प्रस्ताव वापस लिए गए या जॉइनिंग टाली गई। प्रभावित छात्रों को दूसरी कंपनियों में अवसर दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि भविष्य में कंपनियों के लिए प्लेसमेंट प्रस्तावों को लेकर नियम और सख्त किए गए हैं।



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