ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

छपार मेले से आप के बाद कांग्रेस भी दूर, अकाली दल-वारिस पंजाब दे आमने-सामने

by on | 2026-09-26 14:39:46

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3000


छपार मेले से आप के बाद कांग्रेस भी दूर, अकाली दल-वारिस पंजाब दे आमने-सामने

लुधियाना | बेबाक24 न्यूज़

मालवा की सियासत में अहम माने जाने वाले छपार मेले का राजनीतिक मंच इस बार पहले की तुलना में फीका नजर आ रहा है। आम आदमी पार्टी के पारंपरिक राजनीतिक सम्मेलन से दूरी बनाने के बाद कांग्रेस ने भी अपनी प्रस्तावित कांफ्रेंस रद्द कर दी है। ऐसे में 26 सितंबर को मेले में शिरोमणि अकाली दल और अकाली दल वारिस पंजाब दे के कार्यक्रमों पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

छपार मेला लंबे समय से राजनीतिक दलों के लिए शक्ति प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं की जुटान का प्रमुख मंच रहा है। चुनावी माहौल में यहां होने वाले सम्मेलनों के जरिये दल अपनी जमीनी सक्रियता दिखाने की कोशिश करते रहे हैं। इस बार बड़े दलों के पीछे हटने से मेले का राजनीतिक स्वरूप बदलता दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस की कांफ्रेंस रद्द होने के बाद पार्टी की संगठनात्मक स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक खेमों के बीच मतभेदों की चर्चा पहले भी होती रही है। हालांकि कांग्रेस की ओर से सम्मेलन रद्द करने की स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। गुटबाजी के कारण अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने की आशंका की चर्चा भी है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच शिरोमणि अकाली दल की ओर से सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया समेत वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने की तैयारी बताई गई है। वहीं अकाली दल वारिस पंजाब दे की ओर से भी वरिष्ठ नेतृत्व के मंच पर मौजूद रहने की बात कही जा रही है। दोनों दलों ने अपने कार्यकर्ताओं को जुटाने के लिए बैठकों का सिलसिला तेज किया है।

अकाली दल के दाखा प्रभारी जसकरण सिंह देओल ने पहले आम आदमी पार्टी और वारिस पंजाब दे के बीच कथित सांठगांठ के आरोप लगाए थे। आम आदमी पार्टी और मनप्रीत सिंह अयाली ने इन आरोपों को खारिज किया है। मेले में भाजपा की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है।

बेबाक24 टेक

छपार मेले से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पारंपरिक राजनीतिक सम्मेलन से दूर रहने के कारण इस बार अकाली दल और वारिस पंजाब दे की सक्रियता पर ज्यादा ध्यान रहेगा। ऐसे में मेले के मंच और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को पंजाब की मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment