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फॉर्म 6 में बदलाव पर जयराम रमेश के आरोप, सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान की मांग

by on | 2026-09-26 13:45:06

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फॉर्म 6 में बदलाव पर जयराम रमेश के आरोप, सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान की मांग

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मतदाता पंजीकरण के फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रमेश का दावा है कि नए प्रावधान से पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया कठिन हुई। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है।

फॉर्म 6 में बदलाव पर उठाए सवाल

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि जुलाई 2026 की शुरुआत में ऑनलाइन फॉर्म 6 में बिना किसी आधिकारिक अधिसूचना के बदलाव किया गया। उनके मुताबिक, नए हिस्से में आवेदक से उसके माता-पिता या दादा-दादी के पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े होने की जानकारी मांगी गई।

रमेश ने दावा किया कि यह बदलाव पहली बार वोट देने वाले युवाओं के लिए परेशानी का कारण बना। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग को फॉर्म 6 में बदलाव करने का अधिकार है या नहीं।

तीन आधार पर बदलाव को बताया गलत

रमेश ने आरोप लगाया कि फॉर्म 6 में बदलाव के लिए चुनाव आयोग ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कदम उठाया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून, 1950 के तहत इस तरह के बदलाव का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजीकरण नियम, 1960 में किसी संशोधन के बिना फॉर्म में बदलाव किया गया। रमेश ने आरोप लगाया कि यह कदम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के कहने पर एकतरफा तरीके से उठाया गया।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

जयराम रमेश ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को इस मामले में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देकर इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने का रास्ता चुन सकते हैं।

रमेश ने एक समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह भी दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने फॉर्म में किए गए बदलाव को वापस लेने की मांग की थी।

चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?

वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों के बीच कहा है कि आंतरिक तकनीकी नोट और लिखित सवाल बहुसदस्यीय संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार, एसआईआर से जुड़े सभी अंतिम फैसले कानूनी मंजूरी के साथ तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए।

इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस ने कई राज्यों में प्रदर्शन भी किए हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें चुनावी हार से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।

बेबाक24 टेक: फॉर्म 6 में बदलाव और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को कानूनी मंजूरी और तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिया गया बताया है। विवाद का केंद्र अब मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया, आयोग के अधिकार और उसके फैसलों की जवाबदेही बना हुआ है।



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