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भांवरकोल से रोहित मिश्रा आउट, खानपुर के राजीव पांडेय को मिली कमान

by on | 2026-09-05 21:17:25

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भांवरकोल से रोहित मिश्रा आउट, खानपुर के राजीव पांडेय को मिली कमान

गाज़ीपुर: ज़िले के प्रशासनिक हलके से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। कानून-व्यवस्था में कसावट लाने और विवादों पर नकेल कसने के इरादे से पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। भांवरकोल और खानपुर थानों के कप्तानों की अदला-बदली कर दी गई है। जारी आदेशों के तहत भांवरकोल थाना प्रभारी रोहित कुमार मिश्रा को हटाकर खानपुर भेजा गया है, जबकि खानपुर में 10 महीने तक कड़ा रुख दिखाने वाले राजीव कुमार पांडेय को भांवरकोल थाने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बीरपुर कांड और अतुल राय कनेक्शन: रोहित मिश्रा का हटना पहले से माना जा रहा था तय

​सूत्रीय खबरों की मानें तो भांवरकोल से रोहित कुमार मिश्रा का हटना अचानक नहीं, बल्कि काफी समय से तय माना जा रहा था। हाल ही में हुए चर्चित बीरपुर कांड को लेकर पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। आरोप लग रहे थे कि पूर्व सांसद व बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी अतुल राय गैंग के गुर्गों को बचाने में ढिलाई बरती गई। बीरपुर कांड में निष्पक्ष कार्रवाई न होने और आरोपों के घेरे में आने के बाद से ही आलाधिकारियों के रडार पर भांवरकोल थाना प्रभारी थे, जिसके बाद आखिरकार गाज़ीपुर पुलिस कप्तान ने उन्हें वहां से हटाने का फरमान जारी कर दिया।

खानपुर में 10 महीने का कड़ा एक्शन, अब भांवरकोल में कसेंगे शिकंजा

​वहीं दूसरी तरफ, खानपुर थाने की कमान संभाल रहे राजीव कुमार पांडेय का करीब 10 महीने का कार्यकाल बेहद चर्चा में रहा। अपनी बेबाक और सख्त पुलिसिंग के लिए पहचाने जाने वाले राजीव पांडेय ने इलाके में अपराध नियंत्रण और गश्त को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया था।

​उनकी कार्यशैली के कुछ मुख्य बिंदु:

सख्त कानून-व्यवस्था: संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत एक्शन, पैदल मार्च और गश्त बढ़ाना।


अनुशासन व टीमवर्क: पुलिस टीम में आपसी तालमेल और अनुशासन को प्राथमिकता।


जन-सुनवाई: आम जनता की शिकायतों को सीधे सुनना और पारदर्शी कार्रवाई करना।


बदली पिचों पर नए इम्तिहान

​इस फेरबदल के बाद अब गाज़ीपुर पुलिस के दोनों अधिकारियों के सामने नई चुनौतियां होंगी। खानपुर की जनता में जहां राजीव पांडेय के 10 महीने के कार्यकाल की तारीफ हो रही है, वहीं भांवरकोल के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि बीरपुर कांड के बाद उपजे असंतोष को दूर कर राजीव पांडेय इलाके में कानून का राज कायम करेंगे।

​दूसरी तरफ, खानपुर भेजे गए रोहित मिश्रा के लिए वहां की पुलिसिंग को संभालना और अपनी छवि पर लगे दाग धोना एक बड़ी परीक्षा होगी। देखना दिलचस्प होगा कि दोनों अफसर अपनी नई पिचों पर अपराध पर नकेल कसने के लिए क्या रणनीति बनाते हैं।



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