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सिंधु जल संधि विवाद पर भारत का कड़ा रुख! अमेरिका में राजदूत विनय मोहन क्वात्रा बोले- 'पाकिस्तान ने 5 दशकों में खत्म कर दी सद्भावना'

by admin@bebak24.com on | 2026-08-02 19:30:26

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सिंधु जल संधि विवाद पर भारत का कड़ा रुख! अमेरिका में राजदूत विनय मोहन क्वात्रा बोले- 'पाकिस्तान ने 5 दशकों में खत्म कर दी सद्भावना'

वाशिंगटन / नई दिल्ली : सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने पर पाकिस्तान के विरोध और दुष्प्रचार के बीच भारत ने वैश्विक मंच से करारा जवाब दिया है। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच 'सद्भावना और दोस्ती की भावना' से हुई थी, लेकिन पाकिस्तान ने लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर इस भावना को पूरी तरह खत्म कर दिया।

'न्यूज़वीक' मैगज़ीन में भारतीय राजदूत का तीखा हमला

प्रतिष्ठित 'न्यूज़वीक' मैगज़ीन में प्रकाशित अपने लेख में राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा:

"भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करना केवल उस वास्तविकता को स्वीकार करना है, जिसे पाकिस्तान की नीतियों ने जन्म दिया है। जब पाकिस्तान ने समझौते की मूल भावना 'सद्भावना और मित्रता' को ही खत्म कर दिया, तो भारत पर इस संधि को एकतरफा निभाने का दबाव नहीं बनाया जा सकता।"

यह बयान पाकिस्तान द्वारा आयोजित उस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के जवाब में आया है, जिसमें उसने भारत के संधि स्थगित करने के फैसले का विरोध किया था।

1965 युद्ध से पहलगाम तक..आतंकवाद और हमलों का जिक्र

क्वात्रा ने अपने लेख में पाकिस्तान के धोखे और आतंकी इतिहास की पूरी क्रोनोलॉजी सामने रखी:

  • युद्ध और हमले: पाकिस्तान ने 1965, 1971 और 1999 (कारगिल) में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ा।

  • आतंकी वारदातें: इसके अलावा 2001 (संसद हमला), 2008 (मुंबई हमला), 2016 (पठानकोट व उरी), 2019 (पुलवामा) और हालिया पहलगाम आतंकी हमले का सीधा संबंध पाकिस्तानी आतंकी ढांचे से है।

  • शर्त रखी: क्वात्रा ने साफ कहा कि अगर पाकिस्तान वास्तव में भारत के साथ द्विपक्षीय मुद्दों या जल संधि पर सहयोग चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपनी सरजमीं पर पनाह पा रहे आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह तबाह करना होगा।

'भारत पर दोषारोपण के बजाय जल प्रबंधन सुधारे पाकिस्तान'

पाकिस्तान में उपजे जल संकट और सूखे की स्थिति पर क्वात्रा ने कहा कि इसके लिए पाकिस्तान की अपनी खराब नीतियां और अव्यवस्थित जल प्रबंधन जिम्मेदार हैं। पाकिस्तान को भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय अपनी जल उत्पादकता और घरेलू बुनियादी ढांचे को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

बेबाक24 टेक

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किया जाना पाकिस्तान के लिए एक बहुत बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक झटका है। भारत का यह कड़ा संदेश दुनिया को साफ बताता है कि "रक्त और पानी एक साथ नहीं बह सकते।" जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पर नकेल नहीं कसता, तब तक भारत अपने इस कड़े फैसले से पीछे हटने वाला नहीं है।



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