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दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ओरिजिनल एक्स (X) अकाउंट अनब्लॉक करने का आदेश, फाउंडर अभिजीत दीपके बोले— 'यह अभिव्यक्ति की आजादी की बड़ी जीत'

by on | 2026-07-07 20:29:32

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दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ओरिजिनल एक्स (X) अकाउंट अनब्लॉक करने का आदेश, फाउंडर अभिजीत दीपके बोले— 'यह अभिव्यक्ति की आजादी की बड़ी जीत'

नई दिल्ली ब्यूरो (बेबाक24): डिजिटल राइट्स और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर देश की राजधानी से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राजनीतिक संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मूल एक्स (ट्विटर) अकाउंट को तुरंत अनब्लॉक (Unblock) करने का आदेश जारी किया है।

लाइव लॉ (Live Law) की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की सिंगल बेंच ने सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके द्वारा दायर की गई याचिका को पूरी तरह मंजूरी दे दी। कोर्ट के इस आदेश के बाद सीजेपी खेमे में जश्न का माहौल है।

1. 'नीट (NEET) परीक्षा खत्म, अब अकाउंट ब्लॉक रखने का औचित्य नहीं'— हाई कोर्ट

अकाउंट को अनब्लॉक करने का आदेश देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की जिस मुख्य चिंता और अंदेशे के आधार पर इस अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया गया था, वह समय अब बीत चुका है। चूंकि नीट (NEET) की परीक्षा पूरी तरह संपन्न हो चुकी है, इसलिए अब इस डिजिटल प्रतिबंध को जारी रखने का कोई ठोस और प्रासंगिक कारण नहीं बचता है।

2. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में क्या दी दलील?

अकाउंट ब्लॉक किए जाने के पीछे केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया:

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का बयान:

"केंद्र सरकार की मुख्य चिंता यह थी कि नीट परीक्षा के संवेदनशील समय के दौरान सीजेपी के अकाउंट से किए जा रहे पोस्ट्स के कारण देश भर के छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी अफरातफरी, भ्रम और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती थी। इसी तात्कालिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से इस एक्स अकाउंट को ब्लॉक किया गया था।"

3. 'डिजिटल राइट्स के लिए यह एक मील का पत्थर'— अभिजीत दीपके

दिल्ली हाई कोर्ट से हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद सीजेपी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अपने वैकल्पिक माध्यमों से एक्स पर पोस्ट कर कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की एक बड़ी कूटनीतिक जीत करार दिया।

  • अभिजीत दीपके का बयान: "दिल्ली हाई कोर्ट ने हमारे ओरिजिनल एक्स अकाउंट को अनब्लॉक करने का आदेश दिया है। यह फैसला न सिर्फ सीजेपी और हमारे राजनीतिक आंदोलन के लिए, बल्कि पूरे देश में अभिव्यक्ति की आजादी (Freedom of Speech) और आम नागरिकों के डिजिटल अधिकारों के लिए भी एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक जीत है।"

  • युवाओं की आवाज उठाने का संकल्प: दीपके ने आगे अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए लिखा— "हम किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। हम ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों ही मोर्चों पर देश के युवाओं की आवाज को इसी तरह बेबाकी से उठाते रहेंगे।"

बेबाक24 टेक

सीजेपी के एक्स अकाउंट को अनब्लॉक करने का दिल्ली हाई कोर्ट का यह फैसला सोशल मीडिया के इस दौर में सरकारी सेंसरशिप की सीमाओं को तय करने की दिशा में एक बेहद जरूरी कदम है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का यह तर्क कि 'छात्रों के बीच अफरातफरी रोकने के लिए अकाउंट ब्लॉक किया गया था', यह दिखाता है कि सरकारें अक्सर किसी भी तीखी आलोचना या विरोध की आवाज को दबाने के लिए 'आपात स्थिति या कानून-व्यवस्था' का सहारा आसानी से ले लेती हैं। सवाल यह है कि क्या किसी परीक्षा के दौरान उठाए जा रहे जायज सवालों को केवल 'अफरातफरी' मानकर पूरे अकाउंट को ही गायब कर देना कूटनीतिक रूप से सही है?

'बेबाक24' का मानना है कि अभिजीत दीपके का यह कहना बिल्कुल सही है कि यह डिजिटल अधिकारों की जीत है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस युग में किसी भी राजनीतिक दल या नागरिक की डिजिटल उपस्थिति को पूरी तरह ब्लॉक कर देना उसकी लोकतांत्रिक आवाज का गला घोंटने जैसा है। हाई कोर्ट ने इस फैसले से यह साफ संदेश दिया है कि सरकारी प्रतिबंध 'असीमित' समय के लिए नहीं हो सकते और न ही उनका इस्तेमाल राजनीतिक आलोचना को रोकने के लिए किया जा सकता है। सीजेपी को अपना डिजिटल मंच वापस मिलना इस बात का प्रमाण है कि देश की न्यायपालिका अभी भी डिजिटल तानाशाही के खिलाफ अभिव्यक्ति की आजादी की सबसे बड़ी रक्षक है।



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