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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: राम जन्मभूमि ट्रस्ट की आज आपात बैठक, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफ़ों पर लग सकती है मुहर

by admin@bebak24.com on | 2026-07-06 10:26:48

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: राम जन्मभूमि ट्रस्ट की आज आपात बैठक, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफ़ों पर लग सकती है मुहर

नेशनल डेस्क (बेबाक24): अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान में हुई कथित चोरी का मामला अब अपने सबसे बड़े प्रशासनिक और सांगठनिक फेरबदल के मुहाने पर पहुंच गया है। इस महाविवाद के बीच आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम और निर्णायक बैठक होने जा रही है।

ट्रस्ट के सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) को बताया है कि इस बैठक का सबसे बड़ा और संवेदनशील एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफ़ों पर अंतिम फ़ैसला लेना है। दान में वित्तीय गड़बड़ी और चोरी के गंभीर आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट की यह पहली औपचारिक बैठक है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

1. मणिराम छावनी में जुटेंगे दिग्गज, कोषाध्यक्ष ने जारी किया समन

यह हाई-प्रोफाइल बैठक अयोध्या स्थित ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आधिकारिक निवास और मठ 'मणिराम दास की छावनी' में आयोजित की जा रही है।

  • अनिवार्य उपस्थिति: मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने सभी नियमित, नामित और पदेन (ex-officio) सदस्यों को इस बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है।

  • अब तक 8 गिरफ्तारियां: प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में अब तक कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

2. चंपत राय और अनिल मिश्रा दे चुके हैं इस्तीफा!

इस विवाद के बाद राम मंदिर के प्रबंधन को लेकर उठ रहे तीखे सवालों के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, चौतरफा राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा पहले ही अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। आज की बैठक में ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और संत समाज इस बात पर अंतिम मुहर लगाएगा कि क्या इनके इस्तीफों को तुरंत स्वीकार किया जाए या जांच पूरी होने तक कोई अंतरिम व्यवस्था बनाई जाए।

बेबाक24 टेक

रामलला के दरबार में चढ़ावे की चोरी केवल एक वित्तीय अपराध नहीं है, बल्कि यह करोड़ों सनातनियों की आस्था और उनके द्वारा पूरी श्रद्धा से दान किए गए पैसे की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा है। ऐसे में चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे कद्दावर कर्णधारों का इस्तीफा देना यह साफ करता है कि विवाद की आंच बहुत गहरे तक पहुंच चुकी है।

'बेबाक24' का मानना है कि ट्रस्ट की साख को बचाने और आम रामभक्तों के भरोसे को फिर से बहाल करने के लिए यह बेहद जरूरी कदम है। जब तक जांच एजेंसियां इस बात की तह तक नहीं पहुंच जातीं कि स्ट्रॉन्ग रूम और डिजिटल ट्रांजैक्शन में इतनी बड़ी सेंध कैसे लगी, तब तक प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों का स्वेच्छा से हट जाना निष्पक्ष जांच का मार्ग प्रशस्त करता है। आज मणिराम छावनी से जो भी फैसला निकलेगा, वह न केवल राम मंदिर के भविष्य के वित्तीय प्रबंधन की रूपरेखा तय करेगा, बल्कि विपक्ष के तीखे हमलों की धार को कुंद करने के लिए भी ट्रस्ट का एक बड़ा कूटनीतिक दांव साबित हो सकता है।



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