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पीएम मोदी की बनगांव रैली: "29 अप्रैल से पहले देश छोड़ दें घुसपैठिए, वरना 4 मई के बाद होगा एक्शन"; मतुआ समुदाय को दी नागरिकता की 'गारंटी'

by on | 2026-04-26 21:04:10

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पीएम मोदी की बनगांव रैली: "29 अप्रैल से पहले देश छोड़ दें घुसपैठिए, वरना 4 मई के बाद होगा एक्शन"; मतुआ समुदाय को दी नागरिकता की 'गारंटी'

बनगांव | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर 24 परगना के बनगांव में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि टीएमसी के 'महाजंगलराज' से आजादी का वक्त आ गया है।

घुसपैठियों को अल्टीमेटम: "29 अप्रैल आखिरी तारीख"

प्रधानमंत्री ने मंच से घुसपैठियों और जाली दस्तावेजों के सहारे रह रहे लोगों को चेतावनी दी:

कड़ा रुख: "जो भी अवैध रूप से दाखिल हुआ है, उसे 29 अप्रैल से पहले भारत छोड़ देना चाहिए। 4 मई के बाद मोदी की सरकार हर एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालेगी।"

संरक्षण का अंत: पीएम ने कहा कि टीएमसी अब अपने वोटबैंक के लिए घुसपैठियों को संरक्षण नहीं दे पाएगी।

 'मां, माटी, मानुष' अब टीएमसी के पाप बन गए

पीएम मोदी ने टीएमसी के पुराने नारे पर तंज कसते हुए कहा:

निर्ममता का आरोप: "15 साल पहले मां-माटी-मानुष की बात करने वाली टीएमसी अब ये शब्द नहीं बोलती। टीएमसी की निर्ममता ने मां को रुलाया, माटी को सिंडिकेट के हवाले किया और मानुष को पलायन के लिए मजबूर कर दिया।"

आजादी का आह्वान: पीएम ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान को दोहराते हुए कहा— "आप हमें वोट दीजिए, हम आपको टीएमसी के भय, भ्रष्टाचार और गुंडों से आजादी दिलाएंगे।"

 मतुआ समुदाय और नागरिकता: मोदी की गारंटी

रैली से पहले पीएम मोदी ने मतुआ महासंघ के मुख्य मंदिर ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना की।

वोट बैंक का समीकरण: मतुआ समुदाय लगभग 34 सीटों पर सीधा प्रभाव रखता है। पीएम ने शरणार्थी परिवारों को भरोसा दिया— "आपको नागरिकता, पक्का पता और हर वो हक मिलेगा जो एक भारतवासी को मिलता है। ये मोदी की गारंटी है।"

बोरो मां को याद किया: पीएम ने पूर्व में 'बोरो मां' बिनपानी ठाकुर से लिए गए आशीर्वाद को याद करते हुए अपनी भावुक फोटो भी साझा की।

क्या बनगांव से बदलेगी बंगाल की बयार?

पीएम मोदी का बनगांव दौरा केवल एक रैली नहीं, बल्कि मतुआ समुदाय के बड़े वोट बैंक को साधने की सोची-समझी रणनीति है। 'घुसपैठ' और 'नागरिकता' जैसे मुद्दों को हवा देकर भाजपा ने दूसरे चरण के मतदान से पहले ध्रुवीकरण और विकास के मुद्दों को एक साथ साधने की कोशिश की है।



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