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वाराणसी में स्कूलों की 'लूट' पर डीएम का हंटर: अब न यूनिफॉर्म बदलेगी, न मनमानी फीस चलेगी!

by on | 2026-04-18 14:29:06

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वाराणसी में स्कूलों की 'लूट' पर डीएम का हंटर: अब न यूनिफॉर्म बदलेगी, न मनमानी फीस चलेगी!

वाराणसी। शिक्षा के नाम पर धंधा चलाने वाले निजी स्कूलों की शामत आ गई है। वाराणसी के डीएम सत्येंद्र कुमार ने साफ कर दिया है कि अब स्कूलों की 'गुंडागर्दी' और अभिभावकों की 'जेब कतराई' बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने कड़े तेवर दिखाते हुए दो-टूक निर्देश जारी कर दिए हैं।

बेबाक खबर 24 की सीधी रिपोर्ट: क्या हैं नए नियम?

​प्रशासन ने उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 का डंडा चलाते हुए स्कूलों की मनमानी पर लगाम कस दी है। अब अगर किसी स्कूल ने अपनी हद पार की, तो जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहे।

 डीएम के 'कड़े निर्देश' - जो आपको जानना जरूरी है:

  • फीस वृद्धि पर लगा 'ब्रेक': अब स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे। फीस वृद्धि का फॉर्मूला तय कर दिया गया है—उपभोक्ता मूल्य सूचकांक + अधिकतम 5%। इससे एक रुपया भी ज्यादा लिया तो खैर नहीं।
  • यूनिफॉर्म और किताबों का 'कमीशन' खेल खत्म: कोई भी स्कूल किसी खास दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने के लिए दबाव नहीं डाल सकता। साथ ही, 5 साल से पहले स्कूल अपनी यूनिफॉर्म नहीं बदल पाएंगे। यानी हर साल ड्रेस बदलवाकर जेब भरने का रास्ता बंद!
  • हिसाब दो, या कार्रवाई झेलो: सभी स्कूलों को पिछले 3 साल की फीस का ब्यौरा और ऑडिटेड वित्तीय विवरण प्रशासन को सौंपना होगा। पारदर्शिता ऐसी कि अब कुछ भी छिपाना मुमकिन नहीं।
  • गोपनीय शिकायत और एक्शन: अगर आपसे ज्यादा पैसे मांगे जा रहे हैं, तो डरिए मत। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कंट्रोल रूम (?0542-2509413) पर शिकायत करें। आपकी पहचान गुप्त रहेगी और स्कूल पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' होगी।

निष्कर्ष: प्रशासन सख्त, अब अभिभावकों की बारी

​जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों का हित सबसे ऊपर है। यह उन स्कूलों के लिए सीधी चेतावनी है जो शिक्षा को सिर्फ मुनाफाखोरी का जरिया समझते हैं।



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