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मुद्रा लोन घोटाले में बड़ा खुलासा: बैंक मैनेजर ही निकला जालसाजी का 'मास्टरमाइंड', STF ने दिल्ली से दबोचा

by on | 2026-04-11 19:22:35

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मुद्रा लोन घोटाले में बड़ा खुलासा: बैंक मैनेजर ही निकला जालसाजी का 'मास्टरमाइंड', STF ने दिल्ली से दबोचा


लखनऊ/दिल्ली। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने करोड़ों रुपये के मुद्रा लोन घोटाले का पर्दाफाश करते हुए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर नितिन चौधरी को गिरफ्तार किया है। खाकी की इस कार्रवाई से बैंकिंग जगत और फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।

मैनेजर की कुर्सी पर बैठकर लगा रहा था चूना

​STF के मुताबिक, आरोपी नितिन चौधरी ने बैंक की साख को हथियार बनाकर अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरे खेल को अंजाम दिया। वह फर्जी दस्तावेजों, एडिटेड फोटो और कागजी फर्मों के जरिए बेखौफ होकर लोन पास कर रहा था। अब तक की जांच में 100 से अधिक लोगों के नाम पर करोड़ों रुपये का गबन सामने आया है।

एक 'मैसेज' ने बिगाड़ा मैनेजर का खेल

​इस बड़े फर्जीवाड़े की परतें तब खुलीं जब लखनऊ के राज बहादुर गुरुंग ने शिकायत दर्ज कराई। राज बहादुर के पास बिना लोन लिए ही EMI जमा करने का मैसेज आया था। जब उन्होंने अपना सिबिल (CIBIL) स्कोर चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई—उनके नाम पर पहले से ही दो लोन चल रहे थे। इसी शिकायत ने STF को मास्टरमाइंड के गिरेबान तक पहुँचा दिया।

फर्जीवाड़े का 'मोडस ऑपेरंडी': ऐसे होता था खेल

​गिरोह ने ठगी का बेहद शातिर तरीका अपनाया था:

  • दस्तावेजों से छेड़छाड़: असली पैन कार्ड और पहचान पत्रों की फोटो एडिट कर बदल दी जाती थी।
  • कागजी कंपनियां: फर्जी कंपनियों के नाम पर फर्जी कोटेशन तैयार किए जाते थे ताकि लोन की फाइल 'असली' दिखे।
  • अंदरुनी सेटिंग: बैंक मैनेजर खुद इस गिरोह का हिस्सा था, इसलिए फाइलें बिना किसी बाधा के पास हो जाती थीं।
  • बंदरबाँट: लोन की रकम फर्जी फर्मों के खातों में ट्रांसफर की जाती थी और फिर गिरोह के सदस्यों में बाँट ली जाती थी।

गिरोह का नेटवर्क और बरामदगी

​इस सिंडिकेट में बैंक कर्मी, जाली दस्तावेज बनाने वाले एक्सपर्ट और फर्जी फर्म संचालक शामिल थे। पुलिस इस मामले में आमिर एहसन और गौरव कुमार को पहले ही जेल भेज चुकी है।

नितिन चौधरी के पास से बरामद सामान:

  • ​मोबाइल फोन
  • ​पहचान पत्र और क्रेडिट कार्ड
  • ​मेट्रो कार्ड
  • ​नकद ₹2,660

कानूनी शिकंजा

​आरोपी नितिन चौधरी को दिल्ली के वसंत विहार से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया है। उसके खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की पूछताछ की जा रही है।



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