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एसटीएफ का 'ऑपरेशन क्लीनअप', 50-50 हजार के दो इनामी गौ-तस्कर दबोचे, खाकी के खौफ से कांपे अपराधी!

by on | 2026-03-08 19:09:52

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एसटीएफ का 'ऑपरेशन क्लीनअप', 50-50 हजार के दो इनामी गौ-तस्कर दबोचे, खाकी के खौफ से कांपे अपराधी!

वाराणसी/चन्दौली। उत्तर प्रदेश में अपराधियों और तस्करों के खिलाफ एसटीएफ का हंटर एक बार फिर गरजा है। योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एसटीएफ की टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो शातिर अंतरराज्यीय गौ-तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। वाराणसी-प्रयागराज मार्ग पर स्थित औरई लाला नगर टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर 50-50 हजार रुपये के इनामी बदमाश पदमा और सज्जाद को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों चन्दौली पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे और लंबे समय से गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित चल रहे थे।

आधी रात को बिछाया जाल, धराशाई हुआ तस्करों का गुरूर

​एसटीएफ को सटीक सूचना मिली थी कि शातिर अपराधी इलाके में सक्रिय हैं। 8 मार्च 2026 की रात करीब 1:20 बजे जब दुनिया सो रही थी, तब एसटीएफ के जांबाज अपनी रणनीति को अंजाम दे रहे थे। घेराबंदी ऐसी तगड़ी थी कि तस्करों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गिरफ्तार आरोपी पदमा (बुलंदशहर) और सज्जाद (शामली) के खिलाफ थाना चन्दौली में मुकदमा संख्या 142/2023 के तहत गैंगस्टर एक्ट दर्ज था। इनकी गिरफ्तारी न होने पर प्रशासन ने इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

2017 से फैला रखा था आतंक का जाल, यूपी-बिहार तक था नेटवर्क

​पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। ये दोनों आरोपी वर्ष 2017 से ही संगठित रूप से गौ-तस्करी के काले कारोबार में लिप्त थे। पशु बाजारों से गायों को खरीदकर उन्हें उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों में गौकशी के लिए सप्लाई करना इनका पेशा बन चुका था। संभल के रहने वाले शमशाद के जरिए इन दोनों की मुलाकात हुई, जिसके बाद इन्होंने अपना एक खूंखार गिरोह खड़ा कर लिया।

अपराध की लंबी फेहरिस्त: जेल से बाहर आते ही फिर शुरू कर देते थे 'धंधा'

​पदमा और सज्जाद का अपराध जगत से पुराना नाता है। साल 2017 में इन्हें वाराणसी के रोहनिया थाने से गौकशी के मामले में जेल भेजा गया था। इसके बाद 2022 में चन्दौली पुलिस ने इन्हें गौवध अधिनियम, आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत दबोचा था। जेल से छूटने के बाद इन पर 2023 में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई, जिससे बचने के लिए ये फरार चल रहे थे। लेकिन कानून के लंबे हाथों ने आखिरकार इन्हें दबोच ही लिया।

​फिलहाल, एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को चन्दौली पुलिस के हवाले कर दिया है, जहाँ से उन्हें जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बेबाक 24 की टीम इस खबर पर नजर बनाए हुए है कि क्या इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य 'सफेदपोशों' पर भी पुलिस का डंडा चलेगा?



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