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घोसी के किसानों की जीत! अब सठियांव नहीं, घोसी गेट पर ही तुलेगा गन्ना

by on | 2026-02-23 10:41:44

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घोसी के किसानों की जीत! अब सठियांव नहीं, घोसी गेट पर ही तुलेगा गन्ना

मऊ/घोसी: किसानों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन की नींद उड़ा देने वाली खबर सामने आ रही है। घोसी चीनी मिल के खराब होने से जो संकट किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रहा था, उसका समाधान ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के दखल के बाद निकाल लिया गया है।

​अब किसानों को अपना गन्ना लेकर आजमगढ़ की सठियांव मिल की दौड़ नहीं लगानी होगी। बेबाक खबर यह है कि सरकार ने घोसी मिल के गेट को ही 'तौल केंद्र' घोषित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​पिछले दिनों घोसी चीनी मिल में तकनीकी खराबी आने के कारण गन्ना विभाग ने आदेश जारी किया था कि यहाँ के किसानों का बचा हुआ गन्ना सठियांव चीनी मिल (आजमगढ़) भेजा जाएगा। इस आदेश से किसानों में भारी रोष था, क्योंकि गन्ना ले जाने की लागत और समय दोनों का नुकसान हो रहा था।

मंत्री ए.के. शर्मा का 'एक्शन' और समाधान

​किसानों की इस पीड़ा को देखते हुए मंत्री ए.के. शर्मा लगातार शासन और उच्च अधिकारियों के संपर्क में थे। उनके कड़े रुख और आग्रह के बाद अब नया आदेश जारी हुआ है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • घोसी गेट बनेगा सेंटर: अब घोसी चीनी मिल के गेट को ही सठियांव मिल का गन्ना तौल क्रय केंद्र बना दिया गया है। यानी किसान अपना गन्ना घोसी में ही तौलेंगे, आगे ले जाने की जिम्मेदारी मिल प्रबंधन की होगी।
  • मौके पर ही पेराई: जो गन्ना पहले से घोसी मिल के गेट पर पहुँच चुका है, उसे कहीं और भेजने के बजाय वहीं पेराई करने का निर्णय लिया गया है।
  • असुविधा पर लगाम: शासन ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि क्षेत्र के किसानों को एक पैसे की भी असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
  • बेबाक टिप्पणी: यह किसानों की एकजुटता और सही समय पर राजनीतिक हस्तक्षेप का परिणाम है। सठियांव की दूरी और ढुलाई का खर्च अब किसानों की जेब पर भारी नहीं पड़ेगा।



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