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मिस्त्री निकला कातिल, रंजिश में ली थी बुज़ुर्ग की जान!

by on | 2026-02-13 21:52:40

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 मिस्त्री निकला कातिल, रंजिश में ली थी बुज़ुर्ग की जान!


सोनभद्र (ब्यूरो): अपराध और अपराधियों के खिलाफ जंग लड़ रही सोनभद्र पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ओबरा के चर्चित विष्णु हरि उपाध्याय हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। 'खबर दो बेबाक 24' आपको बता रहा है कि कैसे एक पूर्व कर्मचारी, जो कभी कंपनी में मिस्त्री था, वही अपने मालिक के चाचा का काल बन गया।

क्या था मामला?

​बीती 7/8 फरवरी की रात गिरधर सीमेंट्स लिमिटेड के परिसर में सन्नाटा था, लेकिन उस सन्नाटे को एक खौफनाक साजिश ने चीर दिया। कंपनी संचालक के चाचा विष्णु हरि उपाध्याय बरामदे में सो रहे थे, तभी कातिल ने पत्थर से उनके सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। हत्यारा सिर्फ जान लेकर नहीं रुका, उसने दफ्तर की दराज से 6500 रुपये नकद और मृतक का मोबाइल भी पार कर दिया।

शातिर कातिल की चालाकी, पुलिस पड़ी भारी

​आरोपी श्रवण सिंह उर्फ श्रवण गोंड ने खुद को बचाने के लिए पूरी फिल्मी पटकथा रची थी। उसने सीसीटीवी कैमरे तोड़े और सबूत मिटाने के लिए मॉनिटर व प्रिंटर तक गायब कर दिए। लेकिन सोनभद्र पुलिस और एसओजी की पैनी नजरों से वह बच नहीं सका।

बरामदगी का ब्यौरा:

  • ​लूटी गई नगदी और मृतक का मोबाइल फोन।
  • ​झाड़ियों में छिपाए गए एचपी प्रिंटर और लेनोवो मॉनिटर।
  • ​हत्या में इस्तेमाल पत्थर और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य।

क्यों बनी रंजिश?

​पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। श्रवण सिंह करीब दो साल तक इसी कंपनी में मिस्त्री था। नौकरी से निकाले जाने और मृतक द्वारा समय-समय पर की गई डांट-फटकार का बदला लेने के लिए वह 'रंजिश की आग' में जल रहा था। इसी रंजिश ने उसे एक हत्यारा बना दिया।

इन जांबाजों ने किया खुलासा

​एसपी अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन और एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार के नेतृत्व में ओबरा थाना प्रभारी सदानंद राय, एसओजी प्रभारी राजेश जी चौबे और उनकी टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को बग्घा नाला ओवरब्रिज के पास से दबोच लिया।

बेबाक राय: रंजिश में उठाया गया एक गलत कदम न सिर्फ एक बेगुनाह की जान ले लेता है, बल्कि खुद अपराधी के जीवन को भी सलाखों के पीछे धकेल देता है। सोनभद्र पुलिस की यह मुस्तैदी काबिले तारीफ है।



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