ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

ऑपरेशन या लापरवाही का 'जाल'? महिला के पेट में छोड़ दिया बैंडेज!

by on | 2026-02-12 23:45:10

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3028


ऑपरेशन या लापरवाही का 'जाल'? महिला के पेट में छोड़ दिया बैंडेज!


कासिमाबाद सीएचसी के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप; ₹9000 वसूलने के बाद भी जिंदगी से खिलवाड़!

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य सिस्टम की बदहाली और डॉक्टरों की संवेदनहीनता का एक और खौफनाक मामला सामने आया है। मामला गाजीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कासिमाबाद का है, जहां सरकारी डॉक्टरों ने 'मसीहा' के चोले में ऐसी लापरवाही की कि एक महिला आज जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

क्या है पूरा मामला?

बदरपुर चांद गांव की रहने वाली इंद्र कला देवी का 29 दिसंबर 2025 को कासिमाबाद सीएचसी में ऑपरेशन हुआ था। परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल होने के बावजूद उनसे ₹7000 नकद और ₹2000 ऑनलाइन वसूले गए। लेकिन असली खेल तो ऑपरेशन के बाद शुरू हुआ।

 * दर्द और मवाद: ऑपरेशन के बाद से ही महिला को असहनीय दर्द होने लगा और घाव से मवाद आने लगा।

 * वाराणसी में खुलासा: जब हालत बिगड़ी तो परिजन उन्हें वाराणसी के गुरुदयाल अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जो बताया, उसने सबके होश उड़ा दिए। महिला के पेट के अंदर सर्जिकल बैंडेज (पट्टी) छूटा हुआ था।

 * दोबारा सर्जरी: 9 फरवरी को दोबारा ऑपरेशन कर उस बैंडेज को बाहर निकाला गया, लेकिन महिला की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

अस्पताल में हंगामा और सरकारी 'जांच' का रटा-रटाया जवाब

लापरवाही की खबर फैलते ही पीड़िता के भाई नीतीश कुमार और दर्जनों ग्रामीणों ने सीएचसी पर धावा बोल दिया। जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ और भ्रष्टाचार के आरोप लगे। वहीं, जब मामला मीडिया में उछला, तो महकमे की नींद टूटी।

 सीएमओ सुनील कुमार पांडे का कहना है: "मामला मीडिया के जरिए संज्ञान में आया है। एक जांच कमेटी बना दी गई है, रिपोर्ट आते ही कड़ी कार्रवाई होगी।"


बेबाक टिप्पणी

सवाल यह है कि आखिर कब तक 'जांच कमेटी' के नाम पर इन सफेदपोश गुनाहगारों को बचाया जाएगा? सरकारी अस्पताल में अवैध वसूली और फिर ऐसी जानलेवा लापरवाही—क्या यही है उत्तर प्रदेश का 'मिशन हेल्थ'? अगर वाराणसी में सही समय पर इलाज न मिलता, तो इस मौत का जिम्मेदार कौन होता?

मुख्य बिंदु:

 * ऑपरेशन की तारीख: 29 दिसंबर 2025

 * अवैध वसूली: ₹9,000 (नकद + ऑनलाइन)

 * लापरवाही: पेट में बैंडेज छोड़ना

 * वर्तमान स्थिति: महिला की हालत गंभीर




Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment