ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

हाईवे पर पकड़ा गया खेल, पानी की तरह बिक रहा था केमिकल वाला पेट्रोल!

by on | 2026-02-04 19:41:17

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3133


हाईवे पर पकड़ा गया खेल, पानी की तरह बिक रहा था केमिकल वाला पेट्रोल!

कन्नौज/लखनऊ | उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पेट्रोल में जहर घोलने वाले एक बड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर तड़के हुई छापेमारी में एसटीएफ ने मिलावटी पेट्रोल के काले कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को दबोच लिया है। यह गिरोह महज 30 रुपये वाले घातक केमिकल और एथेनॉल को मिलाकर जनता की गाड़ियों के इंजन के साथ खिलवाड़ कर रहा था।
भोर की किरण के साथ STF का एक्शन
​एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि हाईवे पर टैंकरों से तेल चोरी कर उसमें खतरनाक साल्वेंट मिलाया जा रहा है। बुधवार तड़के करीब 04:10 बजे, जब दुनिया सो रही थी, तब ASP अमित कुमार नागर के निर्देशन में एसटीएफ की टीम ने कन्नौज के मानीमऊ क्षेत्र में घेराबंदी कर दी। मौके पर आबकारी और पूर्ति विभाग की टीम भी मौजूद रही।
क्या-क्या हुआ बरामद?
​पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में मिलावटी ईंधन और तस्करी के उपकरण बरामद किए हैं:
​01 विशाल टैंकर: लगभग 20,000 लीटर मिलावटी पेट्रोल।
​01 महिंद्रा पिकअप: सप्लाई के लिए इस्तेमाल होने वाली गाड़ी।
​भारी मात्रा में केमिकल: 600 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल और 245 लीटर एथेनॉल।
​उपकरण: जनरेटर पंप, तेल निकालने वाले पाइप और कीप।
​30 रुपये का केमिकल, 85 का मुनाफा!
​गिरफ्तार अभियुक्त राजेन्द्र पाल (निवासी पनकी, कानपुर) ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड अमित पाल महज 30 रुपये लीटर में साल्वेंट मंगाता था। इसे पेट्रोल में इस सफाई से मिलाया जाता था कि मात्रा बराबर रहे और किसी को शक न हो। फिर इस जानलेवा मिश्रण को कानपुर, लखनऊ और कन्नौज के आसपास के इलाकों में 80-85 रुपये प्रति लीटर की दर से खपा दिया जाता था।
​कानून का शिकंजा
​एसटीएफ ने इस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों—सौरभ यादव, धर्मराज और हंसराज पाल की तलाश तेज कर दी है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली नगर, कन्नौज में आवश्यक वस्तु अधिनियम, यूपी आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
​ बेबाक 24 का सवाल: चंद रुपयों के मुनाफे के लिए जनता की सुरक्षा और वाहनों की उम्र से खिलवाड़ करने वाले इन 'तेल माफियाओं' पर क्या प्रशासन ऐसी चोट करेगा कि दोबारा ये सिंडिकेट न पनप सके?



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment