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महिला अधिवक्ता से मारपीट निंदनीय, 'UP 64' निजी वाहनों को मिले टोल से मुक्ति: डॉ. धर्मवीर तिवारी

by on | 2026-02-03 09:41:08

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महिला अधिवक्ता से मारपीट निंदनीय, 'UP 64' निजी वाहनों को मिले टोल से मुक्ति: डॉ. धर्मवीर तिवारी

सोनभद्र (ब्यूरो)। लोढ़ी टोल प्लाजा पर महिला अधिवक्ता व उनके परिजनों के साथ हुई मारपीट की घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने इस घटना को अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने स्थानीय जनता के हितों को देखते हुए जनपद की 'UP 64' नंबर वाली सभी निजी गाड़ियों को टोल मुक्त करने की वकालत की है।

मुख्यालय आने पर टोल की मार, पर्यटन पर भी असर

​डॉ. तिवारी ने टोल प्लाजा की भौगोलिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि रॉबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय है। कलेक्ट्रेट, विकास भवन, कचहरी और तहसील जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय यहीं स्थित हैं। जिले के कोने-कोने से ग्रामीण और गरीब आदिवासी अपने कार्यों के लिए मुख्यालय आते हैं, लेकिन मुख्यालय पहुंचने से पहले ही उन्हें टोल की भारी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को 'इको पॉइंट' जैसे पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ती है।

"आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में टोल का बोझ अनुचित"

​पूर्व जिलाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि सोनभद्र एक आदिवासी बाहुल्य और आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है। यहाँ की जनता के पास इतना सामर्थ्य नहीं है कि वे रोजमर्रा के कार्यों के लिए बार-बार टोल टैक्स का भुगतान कर सकें। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:

  • UP 64 नंबर की सभी प्राइवेट गाड़ियों को लोढ़ी टोल से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
  • ​टोल प्लाजा पर तैनात उपद्रवी और अराजक कर्मचारियों को तत्काल सेवा से बाहर किया जाए।
  • ​स्थानीय लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले सिंडिकेट पर नकेल कसी जाए।

प्रभारी मंत्री से करेंगे वार्ता

​डॉ. धर्मवीर तिवारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ अधिकारी और टोल संचालक अपनी मनमानी से शासन की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही स्थानीय वाहनों को राहत नहीं मिली और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे इस गंभीर विषय पर जनपद के प्रभारी मंत्री से वार्ता कर ठोस कदम उठाएंगे।



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