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82 लाख की अवैध शराब के साथ अंतर्राज्यीय तस्कर ढेर, हरियाणा से बिहार तक फैला था नेटवर्क!

by on | 2026-01-20 21:16:10

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82 लाख की अवैध शराब के साथ अंतर्राज्यीय तस्कर ढेर, हरियाणा से बिहार तक फैला था नेटवर्क!

पिपरी (सोनभद्र)। यूपी के प्रवेश द्वार सोनभद्र में पुलिस ने शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चल रहे विशेष अभियान के तहत पिपरी पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो हरियाणा से झारखंड के रास्ते बिहार में अवैध शराब की नदियां बहाने की फिराक में था। पुलिस ने हाईटेक तिराहे पर घेराबंदी कर एक विशालकाय कंटेनर को दबोचा, जिसमें तहखानों के भीतर मौत का सामान यानी अवैध अंग्रेजी शराब भरी हुई थी।

करोड़ों का माल, शातिर दिमाग और 'फास्टैग' का खेल

पकड़े गए कंटेनर से पुलिस ने 23,508 शीशी (1019 पेटी) अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 82 लाख रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तारी का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पकड़े गए तस्कर श्रवण कुमार (जैसलमेर, राजस्थान) ने पुलिस को बताया कि वे टोल प्लाजा पर अपनी पहचान छिपाने के लिए जानबूझकर 'फास्टैग' का इस्तेमाल नहीं करते थे।

कैसे बुना गया था तस्करी का जाल?

पूछताछ में यह कड़वा सच सामने आया है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड प्रवीण कुमार (निवासी रोहतक, हरियाणा) है।

 * सप्लाई चेन: शराब लुधियाना के पास नाकोदर गांव से लोड की जाती थी।

 * वाराणसी तक साथ था आका: मुख्य आरोपी प्रवीण खुद वाराणसी तक तस्कर के साथ आया था और व्हाट्सएप कॉल के जरिए पल-पल की लोकेशन ले रहा था।

 * बिहार थी आखिरी मंजिल: शराब को रांची के रास्ते बिहार पहुँचाया जाना था, जहाँ शराबबंदी के कारण माफिया इसे ऊँचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं।

 * सौदा: ड्राइवर को एक चक्कर के बदले 50,000 रुपये का लालच दिया गया था। वह इससे पहले भी 5-6 बार ऐसी खेप पहुँचा चुका है।


इन पर कसेगा कानून का शिकंजा:

पुलिस ने अभियुक्त श्रवण कुमार को जेल भेज दिया है, जबकि शराब माफिया प्रवीण कुमार (हरियाणा) और वाहन स्वामी चाफियार अली (कोहिमा) की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। इन पर बीएनएस की गंभीर धाराओं और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

> बेबाक टिप्पणी: सोनभद्र पुलिस की यह कामयाबी काबिले तारीफ है, लेकिन सवाल अभी भी बरकरार है—क्या पुलिस उन सफेदपोश चेहरों तक पहुँच पाएगी जो हरियाणा और पंजाब की फैक्ट्रियों से तस्करी का यह काला साम्राज्य चला रहे हैं?




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