ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
शहर और राज्य राज्य

गाजीपुर में खाद कालाबाजारी पर नकेल: PoS मशीन का नया वर्जन लागू

by admin@bebak24.com on | 2025-12-05 09:47:01

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3171


गाजीपुर में खाद कालाबाजारी पर नकेल: PoS मशीन का नया वर्जन लागू

गाजीपुर : कृषि विभाग ने रबी और खरीफ सीजन के दौरान खाद की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए गाजीपुर जनपद में एक बड़ा कदम उठाया है। अब उर्वरक बिक्री को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए PoS (Point of Sale) मशीनों में नया और अपडेटेड वर्जन 3.3.1 लागू कर दिया गया है। थोक और फुटकर विक्रेताओं को इसी नए वर्जन से खाद बेचना अनिवार्य होगा।

जोत से अधिक खाद लेने पर तुरंत होगी पहचान

नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि PoS मशीन पर किसान के अंगूठा (बायोमेट्रिक) लगाते ही उसके द्वारा वर्ष भर में क्रय की गई खाद का पूरा विवरण मशीन पर आ जाएगा। यह सुविधा उन किसानों को तुरंत पकड़ने में मदद करेगी जो अपनी खेती की जोत (जमीन के आकार) से अधिक मात्रा में खाद खरीदकर उसकी कालाबाजारी करते हैं। सिस्टम इस जानकारी के आधार पर निर्धारित मात्रा तक ही बिक्री की अनुमति देगा।

तकनीक का सहारा: जियो-फेंसिंग और समय सीमा

खाद की बिक्री में गड़बड़ी रोकने के लिए तकनीकी उपायों का भी इस्तेमाल किया गया है:

 * जियो-फेंसिंग: PoS मशीन सिस्टम अब TMS सर्वर से संचालित होगा और इसमें जियो-फेंसिंग (Geo-fencing) की व्यवस्था लागू है। इसका अर्थ है कि मशीन केवल उसी बिक्री केंद्र पर काम करेगी जिसके लिए वह निर्धारित है। मशीन ऑन करते ही विक्रय केंद्र के अक्षांश (Latitude) व देशांतर (Longitude) स्वतः अपडेट हो जाएंगे।

 * विक्रय समय निर्धारित: नए वर्जन में खाद बेचने का समय स्वतः अपडेट हो जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रात 8 बजे के बाद खाद बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उर्वरक स्टॉक की स्थिति और किसानों को सलाह

जनपद में उर्वरक की आपूर्ति जारी है। आज नन्दगंज रेकप्वान्ट पर 2450 मीट्रिक टन यूरिया (मेट्रिक्स कम्पनी) प्राप्त हुआ, जिसका वितरण साधन सहकारी समिति और निजी केंद्रों से किया जाएगा।

जनपद के निजी और सहकारिता क्षेत्रों में वर्तमान में लगभग निम्नलिखित स्टॉक उपलब्ध है:

उर्वरक की उपलब्ध मात्रा (मीट्रिक टन


* यूरिया   - 26610 

*डीएपी   -  8821 

* एनपीके - 7203 

* एसएसपी - 3348 

* पोटाश    -  440 

कृषि विभाग ने किसानों से डीएपी (DAP) का अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। साथ ही, उन्हें डीएपी के विकल्प के तौर पर टीएसपी (TSP) और एनपीके (NPK) उर्वरक का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से सब्जी, केला और अन्य फसलों में नैनो डीएपी व नैनो यूरिया के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, क्योंकि नैनो डीएपी से बीज उपचार करने पर दानेदार डीएपी की आवश्यकता लगभग आधी रह जाती है।

चुनौती कायम

लाख प्रयासों के बावजूद, यह तथ्य सामने आया है कि जनपद में अभी भी कुछ प्राइवेट दुकानदार डीएपी और यूरिया को निर्धारित दर से अधिक (ओवर रेट) पर बेच रहे हैं, जिससे किसान लाचार हैं। कृषि विभाग का यह नया कदम उम्मीद है कि इस गंभीर चुनौती से निपटने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।




Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment