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अयोध्या: राम मंदिर के पहले सीईओ की दौड़ में राजेश पांडेय सबसे आगे, परेश सक्सेना और दिनेश चंद्र भी दावेदार

by admin@bebak24.com on | 2026-09-02 14:12:24

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अयोध्या: राम मंदिर के पहले सीईओ की दौड़ में राजेश पांडेय सबसे आगे, परेश सक्सेना और दिनेश चंद्र भी दावेदार

अयोध्या | बेबाक24 न्यूज़

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति को लेकर तस्वीर अब जल्द साफ हो सकती है। सीईओ के चयन के लिए गठित 3 सदस्यीय समिति ने 1 सितंबर को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। अब 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक में संभावित नामों पर विचार के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

सीईओ पद की दौड़ में उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अब तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राजेश पांडेय की दावेदारी क्यों मजबूत?

राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के अलावा वह लखनऊ के अलीगंज स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर के ट्रस्ट के सचिव भी हैं।

राम मंदिर के सीईओ के सामने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुरक्षा, सरकारी विभागों से समन्वय, विशिष्ट और सामान्य दर्शनार्थियों की व्यवस्था तथा विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की निगरानी जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। मंदिर प्रबंधन के अनुभव के कारण पांडेय की दावेदारी को खास माना जा रहा है।

परेश सक्सेना और दिनेश चंद्र भी दौड़ में

राजेश पांडेय के अलावा बिहार कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी और पूर्व पुलिस महानिदेशक परेश सक्सेना का नाम भी प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। उनके पास पुलिस और प्रशासन का लंबा अनुभव है।

उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी दिनेश चंद्र भी इस दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। वह जौनपुर के जिलाधिकारी रह चुके हैं और बड़े स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्थाएं संभालने का अनुभव रखते हैं।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में है। हालांकि चयन समिति ने किन 3 नामों को अंतिम रूप से अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

सीईओ की नियुक्ति के साथ कई मुद्दों पर फैसला

ट्रस्ट की बैठक बुधवार को मणिरामदास की छावनी में दोपहर 3 बजे होने वाली है। इसकी अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे। बैठक में सीईओ की नियुक्ति के अलावा ट्रस्ट की विलेख और न्यास नियमावली में संशोधन सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है।

बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन ने रामलला के दर्शन-पूजन किए। दोनों ने मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया और इसके बाद बैठक की तैयारियों में जुट गए।

चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र पर भी नजर

बैठक में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। दोनों ने चढ़ावे से जुड़े मामले के बाद अपने पदों से इस्तीफा दिया था। पिछले कुछ समय में उनकी सार्वजनिक गतिविधियां फिर बढ़ी हैं, जिसके बाद ट्रस्ट में उनकी संभावित वापसी को लेकर अटकलें तेज हुई हैं।

हालांकि, दोनों के संबंध में अंतिम निर्णय क्या होगा, यह ट्रस्ट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

संघ और विहिप पदाधिकारियों की मौजूदगी से बढ़ी हलचल

ट्रस्ट की बैठक से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के अयोध्या पहुंचने की जानकारी है। विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा, संरक्षक दिनेश चंद्र और संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह के भी अयोध्या पहुंचने की चर्चा है।

इन पदाधिकारियों की ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष से मुलाकात के बाद बैठक को लेकर गतिविधियां और तेज हो गई हैं। अब सबसे बड़ा फैसला राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ के नाम को लेकर होने की उम्मीद है।



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