ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के समकक्ष अब्बास अराघची से की फोन पर बात; व्यापारिक जहाजों पर हमलों की सख्त निंदा

by admin@bebak24.com on | 2026-07-31 22:36:51

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3114


विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के समकक्ष अब्बास अराघची से की फोन पर बात; व्यापारिक जहाजों पर हमलों की सख्त निंदा

नई दिल्ली : मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान और लाल सागर/होर्मुज जलडमरूमध्य में गहराते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से टेलीफोन पर उच्चस्तरीय बातचीत की है।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत ने क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर अपना सख्त रुख स्पष्ट कर दिया है।

जयशंकर का सख्त संदेश: "व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमले बर्दाश्त नहीं"

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बातचीत के मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए कहा:

  • गहरी चिंता का प्रकटीकरण: "शुक्रवार शाम मेरी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत हुई। मैंने उन्हें पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ते सैन्य संघर्ष को लेकर भारत की गंभीर चिंता से अवगत कराया।"

  • नाविकों और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा: जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और उन पर तैनात नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए

  • हमलों की कड़े शब्दों में निंदा: "भारत ऐसे किसी भी हमले की कड़ी निंदा करता है, चाहे वह किसी भी पक्ष की ओर से किया जाए।"

ईरान ने साझा किया अपना पक्ष; कूटनीति पर भारत का जोर

  • ईरान का पक्ष: बातचीत के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्षेत्र के वर्तमान सुरक्षा हालातों और विभिन्न पक्षों के साथ चल रही बातचीत पर ईरान का रुख साझा किया।

  • संवाद ही एकमात्र रास्ता: विदेश मंत्री जयशंकर ने दोहराया कि भारत हमेशा सैन्य संघर्ष के बजाय बातचीत और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है।

भारतीय नाविकों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह वार्ता?

दुनिया भर के कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले मर्चेंट नेवी के क्रू मेंबर्स में एक बड़ी संख्या भारतीय नाविकों की है। होर्मुज और लाल सागर में जहाजों पर हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों से न केवल भारतीय नाविकों की जान को खतरा पैदा हुआ है, बल्कि भारत के कच्चे तेल का आयात और निर्यात आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो रही है।

बेबाक24 टेक

भारत का यह कदम उसकी निष्पक्ष और स्पष्ट विदेश नीति को दर्शाता है। एक तरफ जहां भारत खाड़ी देशों में शांति चाहता है, वहीं दूसरी तरफ वह बिना किसी का पक्ष लिए अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता और भारतीय नागरिकों/नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर दृढ़ता से खड़ा है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment